हिसार IMC प्रोजेक्ट में तेजी, 2988 एकड़ में विकसित क्लस्टर से निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार।
हरियाणा के हिसार में विकसित हो रही इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) परियोजना में तेजी आने के साथ ही राज्य देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 2,988 एकड़ क्षेत्र में फैली यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-52 और 09 से जुड़ी होने के कारण रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
AKIC कॉरिडोर से मिलेगा बड़ा फायदा
यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर (AKIC) के तहत विकसित किया जा रहा है, जिससे हिसार को राष्ट्रीय औद्योगिक नेटवर्क में एक अहम स्थान मिलेगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं ताकि निवेश और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ सकें।
औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित होगा क्षेत्र
प्रस्तावित मास्टर प्लान के अनुसार:
- 61% भूमि औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों के लिए निर्धारित
- शेष क्षेत्र हरित क्षेत्र, आधारभूत ढांचे और उपयोगिताओं के लिए रखा गया
- प्रोजेक्ट में कई प्रमुख सेक्टर शामिल किए गए हैं:
- एयरोस्पेस और डिफेंस
- इंजीनियरिंग और फैब्रिकेशन
- फूड प्रोसेसिंग
- टेक्सटाइल और परिधान उद्योग
- लॉजिस्टिक्स
यह विविधता परियोजना को एक मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल हब बनाएगी।
also read : हरियाणा में ग्रुप-D कर्मचारियों का बायोमीट्रिक सत्यापन: 13,246 चयनित अभ्यर्थियों की जांच 20-30 अप्रैल तक
इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों में आई तेजी
परियोजना के लिए 100% भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और प्रमुख मंजूरियां भी मिल चुकी हैं।
तेजी से चल रहे प्रमुख कार्य:
- कच्चे पानी के जलाशय का निर्माण
- नहर का पुनर्संरेखण (कैनाल री-एलायनमेंट)
- बिजली आपूर्ति योजना का विस्तार
- हाई वोल्टेज लाइन को हटाना
इसके अलावा, प्रस्तावित हिसार एविएशन हब के पास स्थित होने से इस परियोजना को लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी का बड़ा लाभ मिलेगा।
निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि यह परियोजना:
- बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करेगी
- हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी
- हरियाणा के औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत बनाएगी
निष्कर्ष
हिसार IMC परियोजना हरियाणा को एक नए औद्योगिक युग में ले जाने की क्षमता रखती है। मजबूत योजना, बेहतर कनेक्टिविटी और तेज क्रियान्वयन के चलते यह प्रोजेक्ट राज्य को देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित कर सकता है।

