हरियाणा में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य करने, सफाई मशीनों पर कैमरे लगाने और कर्मचारियों के लिए यूनिफॉर्म लागू करने के निर्देश।
हरियाणा सरकार ने जलभराव और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेशभर में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सरकारी विभागों और जलभराव वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर ये सिस्टम स्थापित किए जाएं।
जलभराव से निपटने के लिए ठोस योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के दौरान कई शहरों में जलभराव की समस्या सामने आती है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। इसे देखते हुए:
- जल निकासी में समस्या वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी
- वहां वैकल्पिक समाधान और वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे
- वर्षा जल का संचयन कर जल संकट को भी कम किया जाएगा
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में जहां-जहां वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे हैं, उनका पूरा डेटा तैयार किया जाए और उनकी कार्यक्षमता की भी समीक्षा की जाए।
सभी सरकारी विभागों में होगा लागू
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन सरकारी संस्थानों में अभी तक वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं हैं, वहां इन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्थापित किया जाए। इससे न केवल जल संरक्षण होगा, बल्कि भविष्य में पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।
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सफाई व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल
बैठक में सफाई व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि:
- RFID और GPS आधारित कचरा कलेक्शन सिस्टम लागू किया जा रहा है
- इससे निगरानी और पारदर्शिता बढ़ेगी
- सफाई कार्यों की ट्रैकिंग आसान होगी
स्वीपिंग मशीनों पर लगेंगे 4 कैमरे
मुख्यमंत्री ने सफाई कार्यों की निगरानी को सख्त बनाने के लिए निर्देश दिए कि सभी स्वीपिंग मशीनों पर कैमरे लगाए जाएं।
- एक कैमरा आगे, एक पीछे, एक ऊपर और एक नीचे लगाया जाएगा
- अगर सेंसर बंद पाया गया तो एजेंसी को भुगतान नहीं मिलेगा
- हर महीने एजेंसियों को वीडियो फुटेज जमा करनी होगी
- लापरवाही पर ₹1250 प्रति घंटे की पेनल्टी लागू होगी
सफाई कर्मचारियों के लिए एक जैसी यूनिफॉर्म
मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा पर भी विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए कि:
- सभी कर्मचारियों को ड्रेस, जूते और सुरक्षा उपकरण दिए जाएं
- पूरे हरियाणा में एक समान यूनिफॉर्म लागू की जाए
बड़े शहरों पर विशेष फोकस
बैठक में गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन शहरों में विशेष निगरानी रखी जाए ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
निष्कर्ष
हरियाणा सरकार का यह कदम जल संरक्षण और शहरी सफाई व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। वॉटर हार्वेस्टिंग और टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग से न केवल जलभराव की समस्या कम होगी, बल्कि शहरों की सफाई व्यवस्था भी बेहतर होगी।

