सीएम नायब सिंह सैनी ने 2030 तक विकास लक्ष्य तय करने, AI प्लानिंग टूल लॉन्च करने और 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य रखा।
हरियाणा सरकार ने विकास को नई दिशा देने के लिए ‘विजन टू एक्शन’ रणनीति के तहत एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने विभागीय 5-वर्षीय कार्यान्वयन रोडमैप की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि केवल लक्ष्य तय करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें तय समयसीमा में पूरा करना और नियमित रूप से उनकी समीक्षा करना भी उतना ही आवश्यक है।
चंडीगढ़ में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने “विजन टू एक्शन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” प्लानिंग टूल का शुभारंभ किया। यह टूल विभागों को उनके 2026 से 2030 तक के लक्ष्यों को व्यवस्थित ढंग से तय करने, प्रगति की निगरानी करने और रिपोर्टिंग को एक समान बनाने में मदद करेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे अपने लक्ष्यों को वर्ष-दर-वर्ष मापने योग्य बनाएं और यथार्थवादी समयसीमा तय करें। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए, जिसके लिए मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।
शिक्षा क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष जोर देते हुए कहा कि “विजन 2047” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नई शिक्षा नीति के तहत कार्य किया जाए। उन्होंने विश्वविद्यालयों को देश के शीर्ष संस्थानों के स्तर पर लाने, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और छात्रों के लिए रोजगारपरक शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालयों को 5-5 करोड़ रुपये की ग्रांट देने की घोषणा भी की गई है।
इसके अलावा, राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े लक्ष्य तय किए गए हैं। वर्ष 2047 तक सकल नामांकन अनुपात को 31 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। हर जिले में आधुनिक कॉलेज खोलने, कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने और लड़कियों की ड्रॉपआउट दर कम करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी हरियाणा सरकार ने महत्वाकांक्षी योजनाएं बनाई हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2030 तक राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 5000 से अधिक नए स्टार्टअप पंजीकरण, 100 स्किल सेंटर की स्थापना और एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने पर फोकस किया जाएगा।
उद्योगों को सरल और तेज सेवाएं देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 लागू किया जाएगा, जिससे स्वीकृति प्रक्रिया में 50 प्रतिशत तक तेजी आएगी। साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत कर हरियाणा को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले पांच साल राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और यदि योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, तो हरियाणा “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने सभी विभागों से अपील की कि वे नई सोच और तकनीक को अपनाते हुए तेज गति से काम करें, ताकि प्रदेश की प्रगति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।
कुल मिलाकर, ‘विजन टू एक्शन’ पहल हरियाणा में प्रशासनिक सुधार, तकनीकी नवाचार और आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में राज्य की विकास गति और तेज होने की उम्मीद है।

