शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कॉलेजों-यूनिवर्सिटी में स्टार्टअप संस्कृति बढ़ाने और NEP 2020 लागू करने की पहल की।
हरियाणा में उच्च शिक्षा को आधुनिक और रोजगारपरक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शिक्षा मंत्री Mahipal Dhanda ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने की व्यापक योजना का ऐलान किया है। पंचकूला में आयोजित हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद की बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि अब स्कूलों की तरह उच्च शिक्षण संस्थानों में भी ऐसे मॉडल लागू किए जाएंगे, जो युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार सृजन में सक्षम बनाएं।
इस बैठक के दौरान Haryana State Higher Education Council और Wadhwani Foundation के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) भी हुआ, जिसका उद्देश्य छात्रों में उद्यमिता, कौशल विकास और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना है। इस पहल को राज्य के शिक्षा तंत्र में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे युवाओं को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ व्यावसायिक कौशल भी हासिल होगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि ‘बुनियाद’ और ‘हरियाणा सुपर-100’ जैसी योजनाओं ने स्कूल स्तर पर शानदार परिणाम दिए हैं और अब इसी मॉडल को उच्च शिक्षा में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे अधिक से अधिक युवा स्टार्टअप से जुड़ेंगे और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए मंत्री ने प्रदेशभर में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके तहत शिक्षकों और छात्रों को नई शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें छात्रों को कौशल विकास और उद्यमिता के लिए भी प्रेरित करना होगा।
इसके अलावा, शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए कि कॉलेज और विश्वविद्यालय समय-समय पर 11वीं और 12वीं के छात्रों को भी नई शिक्षा नीति के बारे में जानकारी दें, ताकि वे अपने करियर के लिए सही दिशा चुन सकें। उन्होंने पाठ्यक्रमों में बदलाव, विदेशी छात्रों को आकर्षित करने और मेधावी छात्रों को सम्मानित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य में तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए विभिन्न संस्थानों के साथ समन्वय किया जा रहा है। प्रदर्शन आधारित बजटिंग, शिक्षक प्रशिक्षण और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार की यह पहल शिक्षा व्यवस्था को केवल डिग्री तक सीमित रखने के बजाय उसे रोजगार और नवाचार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल छात्रों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता के रास्ते खुलेंगे।

