नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में अपराध नियंत्रण, साइबर क्राइम रोकथाम और पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस करने का बड़ा प्लान पेश किया।
हरियाणा में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक रणनीति तैयार की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘हरियाणा विजन 2047’ के तहत सेवा, पुलिस और जेल विभाग के शॉर्ट टर्म एक्शन प्लान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस तंत्र को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया जाएगा और कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष एवं पारदर्शी बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ अपराध के स्वरूप भी बदल रहे हैं, खासकर साइबर क्राइम के मामलों में तेजी आई है। ऐसे में साइबर क्राइम पर पूर्ण नियंत्रण के लिए विशेष रणनीति अपनाई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि क्राइम सेल में बैंक कर्मियों की तैनाती की जाए ताकि किसी भी वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना मिलते ही संबंधित खातों को तुरंत फ्रीज किया जा सके और अपराधियों की गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रात के समय काम करने वाली महिलाओं को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए विशेष योजना तैयार की जाएगी, जिसमें महिलाएं पोर्टल के माध्यम से पुलिस को सूचना देकर सहायता प्राप्त कर सकेंगी। इसके साथ ही बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाने और काउंसलर नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने डायल 112 सेवा को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि इसमें नए वाहनों को शामिल किया जाएगा ताकि आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि पुलिस को “जनता का मित्र” बनकर काम करना होगा और इसके लिए पुलिस कर्मियों को कैपेसिटी बिल्डिंग के तहत विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ-साथ संवेदनशील तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
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जेल सुधार की दिशा में भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि फतेहाबाद में नई जेल का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा पंचकूला और चरखी दादरी में भी नई जेलों का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि जेलों में बंद कैदियों को वोकेशनल प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि सजा पूरी करने के बाद वे समाज में पुनर्वास कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
सामाजिक विकास के मुद्दों पर भी मुख्यमंत्री ने व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही, समाज के वंचित वर्गों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए योजनाओं को सोशल परफॉर्मेंस से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने नशा मुक्त समाज बनाने के लिए मिशन मोड पर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को नशे से दूर रखने के प्रयास किए जाएंगे। युवाओं को तकनीकी और उद्यमिता आधारित शिक्षा देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा, जबकि महिलाओं को ड्रोन प्रशिक्षण देकर उन्हें नई तकनीकों से जोड़ने की योजना भी तैयार की जा रही है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए फरीदाबाद और रोहतक में नए छात्रावास बनाए जाएंगे। वरिष्ठ नागरिकों के लिए सिटीजन क्लबों का निर्माण कर उन्हें बेहतर सामाजिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाएं मजबूत होंगी तो राज्य का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि हरियाणा विजन 2047 के तहत तैयार यह रोडमैप राज्य को सुरक्षित, तकनीकी रूप से उन्नत और सामाजिक रूप से संतुलित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

