हरियाणा ने वित्त वर्ष 2025-26 में 21.5% SGST वृद्धि दर्ज कर राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ा, जीएसटी संग्रह में मजबूत प्रदर्शन।
हरियाणा ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में कर संग्रह के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में शीर्ष स्थान हासिल किया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य ने एसजीएसटी (SGST) संग्रह में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा का पोस्ट-सेटलमेंट एसजीएसटी संग्रह 2025–26 में बढ़कर ₹48,289 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2024–25 के ₹39,743 करोड़ की तुलना में 21.5 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि राष्ट्रीय औसत 5.7 प्रतिशत से कहीं ज्यादा है, जो राज्य की मजबूत कर प्रणाली और आर्थिक गतिविधियों को दर्शाती है।
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इसके अलावा, हरियाणा का कुल जीएसटी संग्रह भी 8.6 प्रतिशत बढ़ा, जो राष्ट्रीय घरेलू जीएसटी वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत से अधिक है। इस प्रदर्शन के साथ राज्य जीएसटी संग्रह के मामले में देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस उपलब्धि के पीछे राज्य में बढ़ती आर्थिक गतिविधियां, करदाताओं की संख्या में वृद्धि और डेटा-आधारित विश्लेषण के जरिए बेहतर कर अनुपालन मुख्य कारण हैं।
सरकार द्वारा कर प्रशासन को मजबूत करने और डिजिटल तकनीकों के उपयोग पर लगातार जोर दिया जा रहा है, जिससे कर संग्रह में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है।
👉 हरियाणा का यह प्रदर्शन राज्य की आर्थिक मजबूती और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का संकेत माना जा रहा है, जो आने वाले समय में और अधिक निवेश और विकास को प्रोत्साहित कर सकता है।
