हरियाणा में 7.33 लाख किसान आईडी बनीं, ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ से खाद वितरण पारदर्शी हुआ, केंद्र ने भी मॉडल की सराहना की।
हरियाणा सरकार किसानों से जुड़ी योजनाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि राज्य में अब तक 7,33,083 किसानों की किसान आईडी बनाई जा चुकी है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 45 प्रतिशत है।
उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हरियाणा में 20,82,596 किसान लाभार्थी हैं, जिनमें से 16,33,297 किसानों के बैंक खाते सक्रिय हैं।
🌾 ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ से बढ़ी पारदर्शिता
मंत्री ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के माध्यम से किसानों की जमीन, फसल और खेती से जुड़ी पूरी जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध है। इससे सरकार को योजनाओं का लाभ सीधे और सही पात्र तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।
अब खाद वितरण प्रणाली को भी इसी पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे किसानों को उनकी फसल के अनुसार ही खाद मिल रही है। इससे पहले आधार कार्ड के आधार पर खाद वितरण होता था, जिससे दुरुपयोग की संभावना बनी रहती थी।
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💰 500 करोड़ की सब्सिडी बचत
नई व्यवस्था के चलते खाद के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिला है और अनावश्यक खपत में कमी आई है। मंत्री के अनुसार, इस प्रणाली से केंद्र सरकार की खाद सब्सिडी में हरियाणा को ₹500 करोड़ से अधिक की बचत हुई है।
📢 गांव-गांव पहुंचेगी जागरूकता
सरकार जल्द ही जन जागरण अभियान शुरू करेगी, जिसमें विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिक गांव-गांव जाकर किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी देंगे, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।
🇮🇳 केंद्र ने भी की सराहना
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरियाणा सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य सरकार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
👉 विशेषज्ञों का मानना है कि इस डिजिटल पहल से न केवल किसानों को लाभ मिलेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

