हरियाणा में बिजली सुधारों के तहत ₹912.70 करोड़ के अतिरिक्त कार्यों को मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में RDSS के तहत अहम निर्णय लिए गए।
हरियाणा में बिजली क्षेत्र को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव श्री Anurag Rastogi की अध्यक्षता में हुई वितरण सुधार समिति (DRC) की बैठक में संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत ₹912.70 करोड़ के अतिरिक्त बिजली अवसंरचना कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है।
बिजली ढांचे को आधुनिक बनाने पर जोर
इस मंजूरी का उद्देश्य राज्य में बिजली वितरण प्रणाली को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना है। बैठक में यह माना गया कि इन अतिरिक्त कार्यों से बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होगा और वितरण नेटवर्क अधिक मजबूत बनेगा।
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मॉनिटरिंग समिति को भेजा गया प्रस्ताव
समिति ने यह भी निर्णय लिया कि इस प्रस्ताव को आगे की प्रक्रिया के लिए RDSS की मॉनिटरिंग समिति के विचार और अनुमोदन हेतु पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) तथा ऊर्जा मंत्रालय को भेजा जाएगा। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में वित्तीय और तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया और अधिक सुचारू होगी।
हरियाणा में बिजली क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाते हुए मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता वाली वितरण सुधार समिति (डीआरसी) ने संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत ₹912.70 करोड़ के अतिरिक्त बिजली अवसंरचना कार्यों को मंजूरी प्रदान की है। समिति ने प्रस्ताव को…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 13, 2026
बिजली कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार
अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब हरियाणा की बिजली वितरण कंपनियां देश की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली यूटिलिटीज में शामिल हो चुकी हैं। राज्य में लाइन लॉस में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है और परिचालन दक्षता में भी महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है।
भविष्य की ऊर्जा रणनीति
सरकार का फोकस अब स्मार्ट ग्रिड, तकनीकी अपग्रेडेशन और लॉस रिडक्शन पर केंद्रित है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इन सुधारों को हरियाणा के ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक परिवर्तन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

