सीएम नायब सिंह सैनी ने जापान और USA कंपनियों संग ग्लाइडवेज पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट पर चर्चा की, हरियाणा में स्मार्ट ट्रांसपोर्ट की तैयारी तेज।
हरियाणा में शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और स्मार्ट बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में अत्याधुनिक ‘पॉड टैक्सी’ यानी ग्लाइडवेज ट्रांजिट सिस्टम को लागू करने की संभावनाओं पर अब गंभीरता से काम शुरू हो गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने जापान और अमेरिका की अग्रणी कंपनियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत बैठक की।
चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में Suzuki Motor Corporation और Glydways के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान हरियाणा में ग्लाइडवेज ट्रांजिट सिस्टम को लागू करने के लिए संभावित साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार राज्य में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और नागरिकों को आधुनिक यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मोबिलिटी भविष्य की जरूरत है और हरियाणा इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
बैठक में पॉड टैक्सी सेवा की व्यवहार्यता, संभावित कॉरिडोर और रूट प्लानिंग, निवेश मॉडल, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) और परियोजना के क्रियान्वयन की समयसीमा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने इस परियोजना से ट्रैफिक प्रबंधन में आने वाले बदलावों और आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं का भी आकलन किया।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि ग्लाइडवेज एक अत्याधुनिक, ड्राइवरलेस और ऑन-डिमांड ट्रांजिट सिस्टम है, जिसमें छोटे-छोटे स्वचालित पॉड्स के जरिए यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई जाती है। यह प्रणाली खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने, यात्रा समय घटाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विकसित की गई है।
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इस परियोजना को स्मार्ट सिटी और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, जिससे ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। साथ ही, यह सिस्टम शहरी क्षेत्रों में भीड़भाड़ को नियंत्रित करने और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।
केंद्र सरकार द्वारा ‘अर्बन चैलेंज फंड’ के तहत शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की पहल का भी इस परियोजना को लाभ मिल सकता है। इससे राज्य में निवेश आकर्षित होगा और नई तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त अशोक कुमार मीणा, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के मिशन निदेशक शाश्वत सांगवान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की ओर से केंटो ओगुरा, क्रिस राइली, डेव मानु और अल्बर्टो फर्नांडेज़ लोपेज़ ने भाग लिया।
कुल मिलाकर, हरियाणा में पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट पर यह बैठक राज्य के ट्रांसपोर्ट सेक्टर में एक बड़े बदलाव की ओर संकेत करती है। यदि यह परियोजना साकार होती है, तो हरियाणा खासकर गुरुग्राम जैसे शहरों में ट्रैफिक समस्या का समाधान कर स्मार्ट और टिकाऊ शहरी परिवहन का नया मॉडल स्थापित कर सकता है।

