हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने रोहतक की मंडियों का निरीक्षण कर फसल खरीद और भुगतान प्रक्रिया को तेज व पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए।
हरियाणा में रबी सीजन के दौरान फसल खरीद प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shyam Singh Rana ने रोहतक जिले की विभिन्न मंडियों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
कृषि मंत्री ने Rohtak जिले की महम, रोहतक और Sampla मंडियों का निरीक्षण करते हुए कहा कि सरकार किसानों की फसल खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह में फसल की आवक बढ़ने के कारण मंडियों में काफी व्यस्तता है, लेकिन प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने किसानों और आढ़तियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि किसी भी किसान को फसल बेचने में देरी या असुविधा नहीं होनी चाहिए।
श्याम सिंह राणा ने बताया कि मंडियों में बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और फसल उठान में आ रही दिक्कतों को भी तेजी से दूर किया जा रहा है। बढ़ती भीड़ को देखते हुए गेट पास प्रणाली में भी बदलाव किया गया है। अब एंट्री और एग्जिट गेट पास को अलग-अलग कर दिया गया है, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और कामकाज तेजी से होगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में फसल सीजन का समय कम होने के कारण बड़ी मात्रा में एक साथ अनाज मंडियों में पहुंच रहा है, जिससे दबाव बढ़ गया है। ऐसे में सरकार ने नई व्यवस्थाएं लागू की हैं, जिनका उद्देश्य किसानों को अधिक सुविधा देना और खरीद प्रक्रिया को तेज करना है।
मंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के तहत किसानों के खातों में सीधे भुगतान किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका कम हुई है। इससे किसानों को समय पर भुगतान मिलना सुनिश्चित हुआ है।
फसलों को ओलावृष्टि और बारिश से हुए नुकसान के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार इस संबंध में पूरी तरह संवेदनशील है। जहां भी नुकसान की सूचना मिलती है, वहां तुरंत सर्वे करवाकर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
सरकार द्वारा मंडियों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। मंत्री ने बताया कि सीजन शुरू होने से पहले ही मंडियों में पक्के रास्ते, शेड और अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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उन्होंने यह भी कहा कि वे पहले ही Panchkula, Ambala, Jind, रोहतक और Panipat समेत कई जिलों की मंडियों का निरीक्षण कर चुके हैं और पूरे अप्रैल माह में यह अभियान जारी रहेगा।
अंत में कृषि मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि फसल खरीद, उठान और भुगतान प्रक्रिया को और अधिक तेज, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी मंडी में तोल, भुगतान या अन्य व्यवस्थाओं को लेकर शिकायत मिलती है तो उसे तुरंत दूर किया जाएगा।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार का यह मंडी निरीक्षण अभियान किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और फसल खरीद प्रक्रिया को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

