हरियाणा में अधिकारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में डेटा एनालिटिक्स, एआई, लीडरशिप और प्रशासनिक कौशल पर विशेष फोकस किया गया।
हरियाणा में अधिकारियों की कार्यक्षमता और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से आर्थिक एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग द्वारा एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस डेटा आधारित शासन, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और मानव संसाधनों को सशक्त बनाने पर रहा।
कार्यक्रम का उद्घाटन विभाग के निदेशक मनोज कुमार गोयल ने किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ अधिकारियों के लिए तकनीकी और व्यावसायिक कौशल में निरंतर सुधार आवश्यक है, ताकि शासन में डेटा और प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
पंचकूला के सेक्टर-1 स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में आयोजित इस प्रशिक्षण में 30 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “आंकड़ों पर आधारित और प्रभावी शासन के लिए मानव संसाधनों को सुदृढ़ बनाना” रहा।
इस अवसर पर वित्त एवं योजना विभाग के विशेष सचिव डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों में लीडरशिप, कम्युनिकेशन स्किल्स और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि नीति निर्माण, निगरानी और निर्णय प्रक्रिया में डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग आज की जरूरत बन गया है।
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प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनरेटिव एआई के उपयोग, प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल सहायक तकनीकों और प्रभावी निर्णय लेने के तरीकों से अवगत कराया गया। साथ ही, सेवा नियमों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और उनके व्यवहारिक अनुप्रयोग पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में तनाव प्रबंधन, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, योग और स्वस्थ जीवनशैली जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई, जिससे अधिकारियों की मानसिक मजबूती और कार्यक्षमता में सुधार हो सके।
इस प्रशिक्षण में प्रियंका पुनिया, वी.के. धमिजा और डॉ. रूदिता गोयल जैसे विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के समापन पर अतिरिक्त निदेशक आर.के. मोर ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में प्रभावी, पारदर्शी और डेटा-संचालित शासन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

