हरियाणा में मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने नारी शक्ति वंदन विधेयक को महिलाओं के सशक्तिकरण और सम्मान के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण को लेकर चर्चा के बीच विकास एवं पंचायत मंत्री Krishan Lal Panwar ने ‘नारी शक्ति वंदन विधेयक’ का जोरदार समर्थन करते हुए इसे महिलाओं की गरिमा और उनके अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini द्वारा प्रस्तुत यह प्रस्ताव सरकार की महिलाओं के कल्याण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह देश में सामाजिक संतुलन को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
मंत्री ने अपने संबोधन में Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर प्रतिबंध ने मुस्लिम महिलाओं को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिया है, जबकि उज्ज्वला योजना जैसी पहलों ने करोड़ों परिवारों को सुरक्षित ईंधन उपलब्ध कराकर महिलाओं के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार किया है। उनके अनुसार, ये कदम न केवल सामाजिक सुधार की दिशा में अहम हैं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक सिद्ध हुए हैं।
हरियाणा में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उठाए जा रहे कदमों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच को आसान बनाने के लिए नए कॉलेज स्थापित किए हैं और उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए परिवहन सुविधाओं को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘महिला चौपाल’ और ‘महिला सांस्कृतिक केंद्र’ जैसी पहलें शुरू की गई हैं, जो उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं।
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मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लगभग 70,000 महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मविश्वास और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
विपक्ष की आलोचना करते हुए कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण का विरोध करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह उनकी भावनाओं को भी आहत करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विधेयक किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि महिलाओं को समान अधिकार और अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश और राज्य की महिलाएं इस मुद्दे को गंभीरता से समझती हैं और भविष्य में इसका उचित जवाब देंगी।
कुल मिलाकर, हरियाणा विधानसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर हुई यह चर्चा महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर करती है और यह संकेत देती है कि आने वाले समय में महिलाओं की भागीदारी और अधिकारों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

