हरियाणा विधानसभा में मंत्री रणबीर गंगवा ने महिला आरक्षण पर विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए निंदा प्रस्ताव का समर्थन किया।
हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सियासी माहौल गरमा गया, जहां लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री Ranbir Gangwa ने विपक्ष के रवैये पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini द्वारा लाए गए निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि जिस प्रकार विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर विरोध किया और सदन की कार्यवाही से दूरी बनाए रखी, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
मंत्री रणबीर गंगवा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश की माताएं और बहनें इस रवैये को अच्छी तरह समझ रही हैं और आने वाले समय में वे ऐसे प्रतिनिधियों को सदन के अंदर आने से रोक सकती हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल 33 प्रतिशत आरक्षण का विषय नहीं है, बल्कि यह देश की आधी आबादी को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सम्मानजनक स्थान देने का सवाल है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की आत्मा से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि यह बहस केवल सीटों की नहीं, बल्कि न्याय और समानता की है।
उन्होंने भारतीय संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है, लेकिन विपक्ष ने इस मूल भावना के विपरीत जाकर महिलाओं के अधिकारों का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में भी विपक्ष ने पहले समर्थन का संकेत दिया, लेकिन मतदान के समय विरोध कर महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास किया।
also read : हरियाणा विधानसभा में नारी शक्ति पर जोर: मंत्री कृष्ण कुमार बेदी बोले- महिला सशक्तिकरण बीजेपी का संकल्प
मंत्री ने Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक का जिक्र करते हुए कहा कि यह 2029 के चुनावों तक महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार ऐसे सुधारात्मक कदमों का विरोध करता रहा है, चाहे वह धारा 370 हटाने का मामला हो या राम मंदिर निर्माण का विषय।
रणबीर गंगवा ने यह भी कहा कि विपक्ष तथ्यों से परे जाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है, जबकि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को उनका अधिकार दिलाना और उन्हें सशक्त बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाएं अधिक संख्या में लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेंगी और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
अंत में उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी है, जिसे पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। हरियाणा विधानसभा में इस मुद्दे को लेकर हुई बहस ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि महिला अधिकार और उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व आने वाले समय में राजनीति का केंद्रीय विषय बने रहेंगे।

