हरियाणा सरकार मिशन कर्मयोगी के तहत कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए कैडर-वार डेटा जुटा रही है।
शासन व्यवस्था को अधिक कुशल, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने मिशन कर्मयोगी के तहत एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की क्षमता निर्माण प्रणाली को मजबूत करना और उन्हें बदलती प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना है।
इस दिशा में राज्य सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों से विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की कैडर-वार भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। यह कदम भविष्य में प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी और लक्षित बनाने के लिए उठाया गया है।
अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि राज्य एक सुव्यवस्थित और सतत प्रशिक्षण ढांचा विकसित करना चाहता है, जिससे कर्मचारियों की कार्यकुशलता और प्रशासनिक दक्षता में सुधार हो सके।
सरकार डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए iGOT Karmayogi platform का व्यापक उपयोग करने पर जोर दे रही है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण और स्किल अपग्रेडेशन की सुविधा मिलेगी, जिससे वे अपनी भूमिका के अनुसार नई क्षमताएं विकसित कर सकेंगे।
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इस पूरी प्रक्रिया के क्रियान्वयन के लिए हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (HIPA) को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। HIPA सभी विभागों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर आवश्यकता-आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करेगा।
अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक कैडर के कर्मचारियों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की स्पष्ट पहचान से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम वास्तविक जरूरतों के अनुरूप हों। इससे न केवल कर्मचारियों के प्रदर्शन में सुधार होगा, बल्कि शासन व्यवस्था की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आवश्यक जानकारी जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं, ताकि क्षमता निर्माण योजनाओं को अंतिम रूप दिया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिशन कर्मयोगी जैसी पहलें प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इससे सरकारी कर्मचारियों की कार्यशैली में सकारात्मक बदलाव आएगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
कुल मिलाकर, यह पहल हरियाणा सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत शासन को आधुनिक, दक्ष और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

