हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए दवा स्टॉक मॉनिटरिंग, 24×7 लैब सेवाएं और सख्त जवाबदेही के निर्देश जारी।
हरियाणा में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्यव्यापी समीक्षा के बाद व्यापक सुधारों के निर्देश जारी किए हैं।
राज्यस्तरीय बैठक में सिविल सर्जनों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए उन्होंने स्पष्ट कार्ययोजना पेश की, जिसमें दवा प्रबंधन, जांच सुविधाओं के विस्तार और अस्पतालों के बेहतर संचालन पर विशेष जोर दिया गया।
💊 दवा प्रबंधन पर सख्ती
डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि हर सोमवार को सभी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं के स्टॉक का डेटा अपडेट किया जाए और आवश्यक दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सटीक डेटा एंट्री अनिवार्य की गई है।
उन्होंने स्टॉक और पोर्टल डेटा में अंतर, खपत में असंगतता और देरी जैसी समस्याओं को गंभीर बताते हुए नियमित सत्यापन और औचक निरीक्षण के निर्देश दिए।
🏥 जांच सेवाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर
राज्य के जिला, उपमंडल, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त जांच सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के माध्यम से नागरिकों को सस्ती और समय पर जांच सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने सभी अस्पतालों में 24×7 लैब सेवाएं सुनिश्चित करने और स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
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⚕️ जन औषधि और जवाबदेही
डॉ. मिश्रा ने सभी उपमंडलों में जन औषधि केंद्र स्थापित करने पर भी जोर दिया, जिससे मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
📊 निगरानी और जिम्मेदारियां तय
सिविल सर्जनों को साप्ताहिक समीक्षा और जिला स्तर पर निगरानी तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
- सिविल सर्जन: समग्र निगरानी और अनुपालन
- फार्मासिस्ट: समय पर डेटा एंट्री और स्टॉक सत्यापन
- चिकित्सा अधिकारी: दवाओं का सही उपयोग और EDL का पालन
🎯 अन्य अहम पहल
बैठक में 100-दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान, लिंगानुपात में सुधार और पीएनडीटी नियमों के पालन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को इन क्षेत्रों में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए हर स्तर पर जवाबदेही तय की गई है और किसी भी तरह की लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
👉 यह पहल हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और मरीजों की सुविधा को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

