हरियाणा में जनगणना 2027 के तहत डॉ. सुमिता मिश्रा ने ऑनलाइन स्व-गणना पूरी कर डिजिटल भागीदारी को बढ़ावा दिया।
हरियाणा में जनगणना 2027 को डिजिटल और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, जो जनगणना 2027 के लिए स्टेट नोडल अधिकारी भी हैं, ने चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह पहल न केवल डिजिटल भागीदारी को प्रोत्साहित करती है, बल्कि नागरिकों के लिए जनगणना प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
डॉ. मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि ऑनलाइन स्व-गणना प्रणाली के माध्यम से नागरिक अब अपनी जनगणना से संबंधित जानकारी आसानी से और समयबद्ध तरीके से जमा कर सकते हैं, जिससे पारंपरिक फिजिकल विजिट की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म पूरी तरह सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली है, जिससे आम लोगों के लिए इसका उपयोग करना आसान होगा।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सटीक और समय पर उपलब्ध डेटा किसी भी राज्य या देश की नीतियों के निर्माण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। जनगणना से प्राप्त आंकड़े ही सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को बेहतर ढंग से तैयार करने में मदद करते हैं।
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डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य के नागरिकों से अपील की कि वे इस ऑनलाइन सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और जनगणना 2027 में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से जुड़कर लोग न केवल अपना समय बचा सकते हैं, बल्कि सरकार को सटीक और अद्यतन आंकड़े उपलब्ध कराने में भी योगदान दे सकते हैं।
इस मौके पर हरियाणा में सेंसस ऑपरेशन के डायरेक्टर श्री ललित जैन और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती हेमा शर्मा भी उपस्थित रहीं। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में जनगणना प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर नागरिक तक इस अभियान की पहुंच हो और कोई भी व्यक्ति इससे वंचित न रहे।
यह पहल हरियाणा में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के साथ-साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम कदम के रूप में देखी जा रही है।

