हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आयुष्मान भारत और चिरायु योजना पर विपक्ष के आरोप निराधार हैं, राज्य में 27 लाख से अधिक लोगों का 3,862 करोड़ रुपये से इलाज हुआ और 89% क्लेम का भुगतान किया जा चुका है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन हैं। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत भुगतान में अनियमितता या निजी अस्पतालों द्वारा इलाज रोकने के दावे सच्चाई से कोसों दूर हैं और केवल राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री यह बयान हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा आयुष्मान भारत योजना को लेकर लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 23 दिसंबर 2018 को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत की गई थी, जिसके तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है। इस योजना में 2694 उपचार पैकेज शामिल हैं।
चिरायु योजना से बढ़ाया गया दायरा
मुख्यमंत्री ने बताया कि 21 नवंबर 2022 को चिरायु योजना शुरू की गई, जिसके माध्यम से आयुष्मान भारत का लाभ 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले अंत्योदय परिवारों तक पहुंचाया गया। इसके तहत भी प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जाता है और इसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है।
इसके बाद 2023-24 में योजना का दायरा बढ़ाकर 3 लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों को भी शामिल किया गया। साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को भी इस योजना का लाभ दिया गया।
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27 लाख से अधिक लोगों का इलाज
मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान चिरायु योजना के तहत हरियाणा में अब तक 27,42,306 लोगों का इलाज किया जा चुका है, जिसके लिए 3,862 करोड़ 36 लाख रुपये के क्लेम दिए गए हैं।
89 प्रतिशत क्लेम का भुगतान
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान निजी अस्पतालों द्वारा 1,236 करोड़ रुपये के क्लेम प्रस्तुत किए गए, जिनमें से लगभग 1,100 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जो करीब 89 प्रतिशत क्लेम निपटान को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन महीनों में ही सूचीबद्ध अस्पतालों को करीब 250 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
784 अस्पताल सूचीबद्ध
उन्होंने बताया कि 22 जनवरी 2026 तक हरियाणा में 784 निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध हैं। फरवरी 2026 तक निजी अस्पतालों से 33,911 प्री-ऑथराइजेशन अनुरोध प्राप्त हुए, जिससे स्पष्ट है कि अस्पतालों ने इलाज बंद नहीं किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच महीनों में किसी भी लाभार्थी ने यह शिकायत दर्ज नहीं कराई कि अस्पताल ने भुगतान न मिलने के कारण इलाज से इनकार किया हो।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब लाभार्थियों को कोई समस्या नहीं है तो हेल्थ इमरजेंसी जैसे आरोप लगाना केवल राजनीति है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आरोप डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के समर्पित कार्य का भी अपमान हैं।

