वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा पर लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब के 3 करोड़ लोग केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का करारा जवाब देंगे।
पंजाब के वित्त मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को डराने, दबाने और गैर-भाजपा सरकारों को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है।
हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया कि बाबा साहिब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाया गया संविधान आज सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश को आजादी दिलाने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में पंजाब और पंजाबियों ने सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी हैं, लेकिन अब वही लोकतांत्रिक व्यवस्था राजनीतिक बदले की भावना का शिकार बनती दिखाई दे रही है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए चीमा ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की मूल भावना को खत्म कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी राज्यों में पहले ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों को सक्रिय किया जाता है और बाद में चुनाव आयोग के माध्यम से राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश होती है।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह संयोग नहीं हो सकता कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई केवल उन्हीं राज्यों में तेज होती है जहां भाजपा की सरकार नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में ऐसी कार्रवाई शायद ही कभी दिखाई देती है, जिससे एजेंसियों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
हरपाल सिंह चीमा ने पश्चिम बंगाल चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां चुनाव समाप्त होने के बाद अब भाजपा ने पंजाब की ओर अपना ध्यान केंद्रित कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में भी वही डराने और दबाव बनाने वाली राजनीति दोहराने की कोशिश की जा रही है जो अन्य राज्यों में अपनाई गई थी।
उन्होंने कहा कि पहले कारोबारी और संसद सदस्य अशोक मित्तल को निशाना बनाया गया और उन पर भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाया गया। इसके बाद कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर ईडी की कार्रवाई हुई। चीमा ने दावा किया कि संजीव अरोड़ा ने भाजपा में शामिल होने से इनकार किया, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई।
हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज देश में एक नया राजनीतिक मॉडल चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “जो लोग डर जाते हैं वे भाजपा में शामिल हो जाते हैं और जो झुकने से इनकार करते हैं उन्हें जेल भेज दिया जाता है।”
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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर ऐसा माहौल बना रही है ताकि विरोधी दलों के नेताओं पर मानसिक और राजनीतिक दबाव बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल अब निष्पक्ष जांच के लिए नहीं बल्कि राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल चुनावों के दौरान भी मतदाता सूचियों में बड़े स्तर पर बदलाव किए गए और लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब पंजाब में भी इसी प्रकार की रणनीति अपनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन पंजाब के लोग इस तरह की राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब की क्रांतिकारी विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के लोगों की रगों में शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों का खून बहता है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और लाला लाजपत राय जैसे महान क्रांतिकारियों की धरती पंजाब अन्याय और दमन के खिलाफ हमेशा खड़ी रही है।
उन्होंने कहा कि यदि भाजपा इसी तरह पंजाब को निशाना बनाती रही तो राज्य के 3 करोड़ लोग लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होकर जवाब देंगे। चीमा ने कहा कि पंजाबियों ने इतिहास में कभी अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया और आज भी वे लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं।
वित्त मंत्री ने संजीव अरोड़ा के खिलाफ हुई ईडी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह पूरी तरह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी नेताओं को बदनाम करने और जनता के बीच भ्रम फैलाने के लिए जांच एजेंसियों का सहारा ले रही है।
उन्होंने घोषणा की कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता पूरे पंजाब में भाजपा कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों का उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि किस प्रकार लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है।
चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी और जनता को भाजपा की “डर और दबाव की राजनीति” के खिलाफ जागरूक करेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग राजनीतिक बदले और तानाशाही रवैये को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं पर जवाब देने के बजाय विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने का नाम नहीं है, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और जनता की आवाज का सम्मान करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में असहमति की आवाजों को दबाने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग पूरी स्थिति को समझ रहे हैं और आने वाले समय में इसका लोकतांत्रिक जवाब दिया जाएगा। चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी जनता के अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
वित्त मंत्री ने अंत में कहा कि पंजाब की धरती ने हमेशा अन्याय और तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाई है और इस बार भी लोकतंत्र की रक्षा के लिए राज्य के लोग मजबूती से खड़े होंगे।

