पंजाब सरकार ने कक्षा 8, 9 और 10 के छात्रों के लिए डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाई। जानें नई समयसीमा और पूरी जानकारी।
पंजाब सरकार ने राज्य के हजारों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत देते हुए 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र (Digital Birth Certificate) जमा करने की समय सीमा बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह फैसला उन छात्रों के लिए खास तौर पर राहतभरा माना जा रहा है, जो अभी तक अपने दस्तावेज़ तैयार नहीं कर पाए थे या एकीकृत छात्र पंजीकरण पोर्टल पर उन्हें अपडेट नहीं कर सके थे।
राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि अब कक्षा 8 के विद्यार्थियों को डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त कर उसे पोर्टल पर अपलोड करने के लिए 30 अक्टूबर, 2026 तक का अतिरिक्त समय दिया गया है। वहीं कक्षा 9 और 10 के छात्रों को भी अगले शैक्षणिक सत्र के पंजीकरण से पहले अपने दस्तावेजों में आवश्यक संशोधन और अपडेट करने की अनुमति दी गई है।
किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की मंजूरी से लिया गया यह निर्णय इस उद्देश्य से लागू किया गया है कि दस्तावेज़ीकरण में देरी के कारण किसी भी छात्र की शिक्षा प्रभावित न हो। सरकार चाहती है कि कोई भी विद्यार्थी केवल तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से प्रवेश या पंजीकरण से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। हालांकि इस प्रक्रिया के दौरान छात्रों और अभिभावकों को होने वाली व्यावहारिक समस्याओं को भी गंभीरता से समझा जा रहा है।
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डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि एकीकृत छात्र पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से स्कूलों की प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाया जा रहा है। डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य करने का उद्देश्य छात्रों के रिकॉर्ड को सुरक्षित और प्रमाणित बनाना है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की दस्तावेज़ संबंधी परेशानी न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार कागज रहित (Paperless), आधुनिक और तकनीक आधारित शिक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी प्रक्रिया संबंधी बाधा का असर बच्चों की पढ़ाई पर न पड़े।
स्कूलों को दिए गए आवश्यक निर्देश
शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों तथा स्कूल प्रमुखों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अभिभावकों के साथ समन्वय बनाकर समयसीमा के भीतर सभी छात्रों के दस्तावेज़ अपडेट करवाएं। स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जिन विद्यार्थियों के डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र अभी तक नहीं बने हैं, उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराई जाए।
छात्रों और अभिभावकों को मिलेगी राहत
नई समयसीमा बढ़ने से उन परिवारों को काफी राहत मिलेगी जो विभिन्न कारणों से डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र बनवाने या पोर्टल पर अपलोड करने में देरी का सामना कर रहे थे। अब उन्हें आवश्यक दस्तावेज़ तैयार करने और सही जानकारी के साथ पंजीकरण पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।
शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल सुधार जारी
पंजाब सरकार का यह कदम शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य स्कूलों में सभी छात्र रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि तकनीकी बदलाव के दौरान किसी भी छात्र के शैक्षणिक हितों से समझौता न हो।

