Hanuman Janmotsav 2025: हनुमान जन्मोत्सव हर साल चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। चैत्र पूर्णिमा, 12 अप्रैल 2025 को प्रातः 3 बजे 20 मिनट पर शुरू होगी। 13 अप्रैल 2025 को सुबह 05 बजकर 52 मिनट पर इसका समापन होगा।
Hanuman Janmotsav 2025: हनुमान जन्मोत्सव हर साल चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। चैत्र पूर्णिमा, 12 अप्रैल 2025 को प्रातः 3 बजे 20 मिनट पर शुरू होगी। 13 अप्रैल 2025 को सुबह 05 बजकर 52 मिनट पर इसका समापन होगा। ऐसे में 12 अप्रैल 2025 को पूरे भारत में हनुमान जन्मोत्सव का उत्सव मनाया जाएगा। इस दिन मुख्यतः बजरंगबली की पूजा की जाती है। इस तिथि पर वीर बजरंगी की पूजा करने से कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति मजबूत होगी और सभी समस्याएं दूर होंगी।
ज्योतिषियों का कहना है कि मंगल ग्रह के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को कार्यों को पूरा करने का साहस और ऊर्जा मिलता है। हनुमान भक्तों के लिए हनुमान जन्मोत्सव का दिन बहुत विशिष्ट है। हस्त नक्षत्र और व्याघात योग इस तिथि पर बन रहे हैं, जो संकटमोचन की कृपा देता है। हालाँकि, आज कुछ विशेष कार्य करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे अच्छे परिणाम हो सकते हैं। इसके बारे में जानें
हनुमान जन्मोत्सव पर इन गलतियों को नहीं करें
- हनुमान जन्मोत्सव के दिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर में प्याज और लहसुन नहीं खाना चाहिए। इस समय शराब, मांसाहार, तंबाकू आदि से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
- हनुमान जन्मोत्सव है, जब आप हनुमान की कृपा पा सकते हैं। इस दिन दान करें। परंतु याद रखें आप जिन भी चीजों का दान करें, उन्हें खुद ग्रहण भूलकर भी न करें। यह अशुभ हो सकता है।
- हनुमान जन्मोत्सव के दिन उपवास करते समय नमक नहीं खाना चाहिए।
- माना जाता है कि बजरंगबली की पूजा करते समय चरणामृत का उपयोग नहीं करना चाहिए।
- हनुमान जन्मोत्सव पर सफेद या काले कपड़े नहीं पहनना चाहिए। यह सही नहीं है।
- इस दिन बजरंगबली की खंडित या टूटी प्रतिमा की पूजा नहीं करनी चाहिए। नई तस्वीर की पूजा करने के बाद इसे जल में डाल दें।
हनुमान जन्मोत्सव के शुभ मुहूर्त
हनुमान जन्मोत्सव पर पूजा करने के लिए दो शुभ समय हैं। 12 अप्रैल को सुबह 7 बजे 35 मिनट से 9 बजे 11 मिनट तक पहला मुहूर्त होगा। इसके बाद दूसरा शुभ मुहूर्त शाम को 6 बजकर 45 मिनट से रात 8 बजकर 8 मिनट तक दूसरा शुभ मुहूर्त चलेगा।
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