गोरखपुर में शिक्षा मित्र सम्मान समारोह के दौरान प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाकर ₹18,000 किया गया और ‘अरुणोदय’ कैलेंडर जारी किया गया।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद में आयोजित Shiksha Mitra Samman Samaroh कार्यक्रम में राज्य के 1.43 लाख शिक्षा मित्रों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई। इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षा मित्रों के मानदेय को ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह करने की घोषणा की गई, जिससे शिक्षकों में उत्साह का माहौल देखा गया।
शिक्षा मित्रों को मिला सम्मान
इस सम्मान समारोह में शिक्षा मित्रों के योगदान को सराहा गया और उन्हें शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ बताया गया। कार्यक्रम में कहा गया कि शिक्षा मित्र ग्रामीण और प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
‘अरुणोदय’ कैलेंडर का हुआ विमोचन
कार्यक्रम के दौरान छात्र नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा गतिविधि कैलेंडर Arunoday Calendar का भी विमोचन किया गया। यह कैलेंडर विद्यालयों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
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शिक्षकों की भूमिका पर जोर
इस अवसर पर कहा गया कि शिक्षक केवल शिक्षा देने वाले नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण के मार्गदर्शक होते हैं। माता-पिता अपने बच्चों को पूरे विश्वास के साथ शिक्षकों के हवाले करते हैं, और ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे बच्चों को आदर्श नागरिक के रूप में तैयार करें।
सरकार की पहल
राज्य सरकार द्वारा शिक्षा मित्रों के मानदेय में की गई वृद्धि को शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
निष्कर्ष
गोरखपुर में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा मित्रों के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। मानदेय वृद्धि और नए शैक्षिक कैलेंडर के साथ राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

