नेटफ्लिक्स की 91 मिनट की फिल्म ‘Facing the Al Chapo’ सच्ची घटना पर आधारित क्राइम थ्रिलर है। जानें एल चापो की गिरफ्तारी की पूरी कहानी और फिल्म की खासियत।
अगर आपको सच्ची घटनाओं पर आधारित क्राइम और थ्रिलर फिल्में पसंद हैं, तो नेटफ्लिक्स की नई फिल्म ‘Facing the Al Chapo’ आपके लिए दिलचस्प हो सकती है। 21 अगस्त 2026 को रिलीज हुई यह मैक्सिकन क्राइम थ्रिलर रिलीज के बाद से ही दर्शकों का ध्यान खींच रही है।
फिल्म की खास बात इसकी कहानी है, जो दुनिया के कुख्यात ड्रग लॉर्ड जोकिन ‘एल चापो’ गुजमैन की गिरफ्तारी से जुड़े वास्तविक घटनाक्रम से प्रेरित है। करीब 91 मिनट लंबी यह फिल्म एक ऐसी रात की कहानी बताती है, जब दो पुलिस अधिकारियों के सामने अचानक दुनिया के सबसे वांछित अपराधियों में से एक आ जाता है।
क्या है ‘Facing the Al Chapo’ की कहानी?
फिल्म की कहानी 8 जनवरी 2016 की घटना के आसपास बुनी गई है। इससे पहले एल चापो 2015 में मैक्सिको की अल्टीप्लानो जेल से एक सुरंग के जरिए फरार हो गया था।
भागने के बाद मैक्सिकन सुरक्षा बलों ने उसके ठिकाने की तलाश तेज कर दी। कहानी तब रोमांचक मोड़ लेती है, जब लॉस मोचिस इलाके में दो फेडरल हाईवे पुलिस अधिकारियों की नजर एक संदिग्ध वाहन पर पड़ती है।
पुलिसकर्मी जब गाड़ी को रोककर जांच करते हैं, तो उन्हें अंदाजा नहीं होता कि वाहन में बैठा व्यक्ति कौन है। जांच के दौरान उन्हें पता चलता है कि उनके सामने कोई सामान्य अपराधी नहीं, बल्कि एल चापो मौजूद है।
दो पुलिसवालों के सामने सबसे बड़ी चुनौती
एल चापो को पहचान लेने के बाद असली परीक्षा शुरू होती है। एक तरफ पुलिस अधिकारियों के सामने कानून और ड्यूटी निभाने की जिम्मेदारी है, तो दूसरी तरफ उनके सामने कार्टेल की ताकत और संभावित खतरा मौजूद है।
फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि एल चापो कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों को पैसे की पेशकश करता है। इसके साथ ही उन्हें संभावित खतरों का सामना भी करना पड़ता है।
पुलिस अधिकारी उसे एक मोटल तक ले जाते हैं और उच्च अधिकारियों से पुष्टि होने का इंतजार करते हैं। इसी बीच कार्टेल से जुड़े लोगों की गतिविधियां तनाव को और बढ़ा देती हैं। यहीं से फिल्म की कहानी लगातार सस्पेंस बनाए रखती है।
फिल्म में कौन-कौन से किरदार हैं?
‘Facing the Al Chapo’ में वास्तविक पुलिस अधिकारियों की पहचान को सुरक्षा कारणों से बदलकर पेश किया गया है। फिल्म में आर्टुरो कार्मोना का किरदार अल्फोंसो हेरेरा और हेक्टर रोसालेस की भूमिका नोए हर्नांडेज ने निभाई है।
कहानी का फोकस एल चापो की गिरफ्तारी से ज्यादा उन पुलिस अधिकारियों की मानसिक स्थिति पर है, जिनके सामने अचानक बेहद खतरनाक अपराधी आ जाता है।
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एल चापो की आखिरी गिरफ्तारी की कहानी
फिल्म जिस घटना से प्रेरित है, वह एल चापो के आपराधिक जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक थी। जनवरी 2016 में उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे दोबारा हिरासत में लिया गया।
बाद में उसे अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया, जहां उसके खिलाफ मुकदमा चला और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसी वास्तविक घटना को फिल्म ने लगभग 91 मिनट के थ्रिलर फॉर्मेट में पेश किया है।
‘Facing the Al Chapo’ कितनी लंबी है?
यह फिल्म करीब 91 मिनट की है। कम अवधि के बावजूद फिल्म कहानी को तेज गति से आगे बढ़ाती है। निर्देशक चावा कार्तास ने पत्रकार हेक्टर दे मौलियोन की रिपोर्टों से प्रेरित होकर पटकथा तैयार की है। फिल्म में गिरफ्तारी के दौरान पैदा होने वाला तनाव, डर, लालच और पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी मुख्य विषय हैं।
कैसी मिली रेटिंग?
फिल्म को 10 में से 6.6 की रेटिंग मिलने की जानकारी सामने आई है। वहीं, रिलीज के बाद यह भारत में नेटफ्लिक्स की ट्रेंडिंग फिल्मों की सूची में भी जगह बनाने में सफल रही।
सच्ची घटना पर आधारित क्राइम थ्रिलर देखने वाले दर्शकों के लिए इसकी वास्तविक घटना से जुड़ी कहानी सबसे बड़ा आकर्षण बन सकती है।
क्या ‘Facing the Al Chapo’ देखनी चाहिए?
अगर आपको सच्ची घटनाओं पर आधारित क्राइम फिल्में, ड्रग कार्टेल की कहानियां और पुलिस थ्रिलर पसंद हैं, तो ‘Facing the Al Chapo’ आपकी वॉचलिस्ट में शामिल हो सकती है।
फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका सीमित रनटाइम और एक बेहद तनावपूर्ण वास्तविक घटना पर केंद्रित कहानी है। करीब डेढ़ घंटे से कम समय में फिल्म दर्शकों को एक ऐसी स्थिति में ले जाती है, जहां दो पुलिस अधिकारियों को तय करना है कि सामने मौजूद अपराधी के साथ क्या किया जाए।
हालांकि, कहानी का वास्तविक अंत क्या होता है और गिरफ्तारी के बाद घटनाएं किस दिशा में जाती हैं, यह जानने के लिए फिल्म देखना जरूरी होगा।

