E20 पेट्रोल विवाद: E20 पेट्रोल नीति पर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। जानिए 30 करोड़ वाहनों, ऑटो कंपनियों और एथेनॉल फ्यूल विवाद से जुड़ी पूरी जानकारी।
E20 पेट्रोल विवाद: देश में E20 पेट्रोल यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की इस नीति पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से साल 2023 से पहले निर्मित करोड़ों वाहनों पर असर पड़ सकता है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ऑटोमोबाइल कंपनियों पर दबाव बना रही है ताकि वे E20 पेट्रोल से जुड़े संभावित नुकसान पर खुलकर अपनी राय न रख सकें।
ऑटो कंपनियों को डराने का लगाया आरोप
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने देश की 29 प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर यह जानकारी मांगी थी कि क्या पुराने वाहनों में E20 पेट्रोल का इस्तेमाल सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि कंपनियों से यह भी पूछा गया था कि अगर E20 ईंधन के कारण गाड़ियों के इंजन पर असर पड़ता है या माइलेज कम होती है, तो क्या वाहन निर्माता ग्राहकों को किसी तरह का मुआवजा देंगे।
केजरीवाल के अनुसार, कंपनियों ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया। हालांकि, उनका दावा है कि कुछ कंपनियों के अधिकारियों से बातचीत में उन्हें बताया गया कि पुराने वाहनों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से तकनीकी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
कुछ दिन पहले मैंने 29 ऑटो कंपनियों को चिट्ठी लिखकर पूछा था कि क्या 2023 से पहले की गाड़ियों में E20 इस्तेमाल हो सकता है?
सबने लिखित में जवाब देने से इनकार कर दिया। आप सोच सकते हैं कि कितना डर है। लेकिन 9 कंपनियों के अधिकारियों ने मेरे साथ मीटिंग में सारा सच बता दिया। यह वीडियो… pic.twitter.com/2rsVHtNKlj
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 29, 2026
“30 करोड़ वाहन हो सकते हैं प्रभावित”
AAP नेता ने दावा किया कि वर्ष 2023 से पहले बनाए गए लगभग 30 करोड़ वाहन E20 ईंधन के कारण प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर इन वाहनों में खराबी आती है या उनकी कार्यक्षमता कम होती है तो इसका सीधा असर आम वाहन मालिकों पर पड़ेगा।
उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनियां सार्वजनिक रूप से अपनी चिंताएं जाहिर करने से बच रही हैं क्योंकि उन्हें सरकारी कार्रवाई का डर है।
E20 पेट्रोल के फायदे पर भी उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के लाभों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार जिस तरह से E20 नीति को बढ़ावा दे रही है, उससे जुड़े पर्यावरण और आर्थिक पहलुओं पर भी चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि एथेनॉल उत्पादन के लिए ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है, जिससे भूजल स्तर पर दबाव बढ़ सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल किया कि इस नीति से वास्तव में विदेशी मुद्रा की कितनी बचत होगी।
E20 नीति के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी
केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी। उन्होंने केंद्र सरकार से E20 पेट्रोल नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की और कहा कि जरूरत पड़ने पर इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि E20 से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर भी बाधाएं खड़ी की जा रही हैं और एक प्रस्तावित टाउन हॉल कार्यक्रम की अनुमति रद्द कर दी गई।
अन्य मुद्दों पर भी केंद्र और दिल्ली सरकार पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों, दिल्ली में जलभराव और नागरिक सुविधाओं को लेकर भी सरकार पर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। साथ ही उन्होंने दिल्ली की मौजूदा समस्याओं को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
लक्ष्मी योजना को बताया “खोखला वादा”
महिलाओं के लिए प्रस्तावित लक्ष्मी योजना पर भी अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना में इतनी अधिक पात्रता शर्तें रखी गई हैं कि बड़ी संख्या में महिलाएं इसका लाभ नहीं उठा पाएंगी।
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली की करीब 1.25 करोड़ महिलाओं में से सीमित संख्या को ही इस योजना का फायदा मिल पाएगा और यह योजना आम महिलाओं की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है।

