E20 Fuel Controversy: E20 ईंधन विवाद के बीच अरविंद केजरीवाल 4 अगस्त को पीएम आवास तक मार्च करेंगे। वह E20 नीति के खिलाफ 2.33 लाख से अधिक हस्ताक्षरित याचिकाएं सौंपेंगे।
E20 Fuel Controversy: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 ईंधन नीति के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे वह करीब 100 समर्थकों के साथ अपने कार्यालय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की ओर रवाना होंगे। इस दौरान वह E20 पेट्रोल के खिलाफ शुरू की गई ऑनलाइन याचिका पर मिले 2.33 लाख से अधिक हस्ताक्षर प्रधानमंत्री को सौंपने का प्रयास करेंगे।
केजरीवाल के मुताबिक, इस ऑनलाइन अभियान को कम समय में ही व्यापक जनसमर्थन मिला है। उनका कहना है कि अब तक लगभग 2,33,238 लोगों ने याचिका पर हस्ताक्षर कर E20 ईंधन को लेकर अपनी चिंताएं दर्ज कराई हैं। उनका उद्देश्य सरकार के सामने जनता की राय रखना और इस नीति पर पुनर्विचार की मांग करना है।
प्रधानमंत्री से मुलाकात का प्रयास
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर E20 ईंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए समय मांगा था, लेकिन उन्हें अब तक कोई जवाब नहीं मिला। इसी कारण उन्होंने स्वयं प्रधानमंत्री आवास जाकर हस्ताक्षरित याचिका सौंपने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि वह इथेनॉल मिश्रण नीति की कमियों और उसके संभावित प्रभावों पर सीधे प्रधानमंत्री से बातचीत करना चाहते हैं।
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E20 पेट्रोल को लेकर AAP की मांग
केजरीवाल ने कहा कि उपभोक्ताओं को पेट्रोल पंपों पर शुद्ध पेट्रोल और E20 पेट्रोल दोनों का विकल्प मिलना चाहिए, ताकि वाहन मालिक अपनी आवश्यकता के अनुसार ईंधन का चयन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है तो उसकी कीमत सामान्य पेट्रोल की तुलना में कम होनी चाहिए, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
ट्रंप के दबाव में नीति बनाने का आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार अमेरिका से इथेनॉल खरीदने के उद्देश्य से E20 नीति को आगे बढ़ा रही है। उनके अनुसार, ऐसी चर्चाएं हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत को इथेनॉल निर्यात करना चाहते हैं और इसी वजह से केंद्र सरकार इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है।
केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि आने वाले वर्षों में भारत अमेरिका से बड़ी मात्रा में इथेनॉल खरीद सकता है। उनका कहना है कि यदि ऐसा होता है तो इसका असर देश के उपभोक्ताओं और वाहन मालिकों पर पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने इन दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।
सरकार की ओर से नहीं आई प्रतिक्रिया
समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अरविंद केजरीवाल के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। E20 ईंधन को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार तथा विपक्ष के बीच चर्चा और बढ़ सकती है।

