राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मोल्दोवा के कारोबारियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया। जानें भारत-मोल्दोवा व्यापार, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग की पूरी जानकारी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मोल्दोवा के व्यवसायियों को भारत में निवेश और व्यापारिक संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि भारत में निवेश के लिए पारदर्शी, स्थिर और निवेशक-अनुकूल माहौल उपलब्ध है।
मोल्दोवा की राजधानी चिसिनाउ में आयोजित भारत-मोल्दोवा व्यापार मंच को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी यह यात्रा भारत और मोल्दोवा के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारत-मोल्दोवा संबंधों को नई दिशा देने पर जोर
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की यह पहली राजकीय यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि भारत और मोल्दोवा के संबंध वर्ष 1992 में राजनयिक रिश्तों की स्थापना के बाद से आपसी सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों और शांति व विकास के साझा दृष्टिकोण पर आधारित रहे हैं।
व्यापारिक प्रतिनिधियों, ‘इन्वेस्ट मोल्डोवा’ के सदस्यों और भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी में आगे बढ़ने की काफी संभावनाएं मौजूद हैं।
मोल्दोवन कंपनियों को भारत में निवेश का निमंत्रण
राष्ट्रपति मुर्मू ने मोल्दोवा के उद्योगपतियों को भारतीय बाजार में अवसर तलाशने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत विदेशी निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और अनुकूल व्यापारिक वातावरण उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने कहा कि मोल्दोवन कंपनियां भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में भागीदारी कर सकती हैं और दोनों देशों के बीच नए व्यापारिक संबंध स्थापित हो सकते हैं।
इसके साथ ही राष्ट्रपति ने भारतीय कंपनियों को भी मोल्दोवा में मौजूद अवसरों का फायदा उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि मोल्दोवा की कुशल मानव संसाधन क्षमता और रणनीतिक स्थिति भारतीय व्यवसायों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
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ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत और मोल्दोवा के बीच ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारतीय कंपनियां चिसिनाउ को रोमानिया से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण में योगदान दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना मोल्दोवा की ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने में मदद करेगी।
राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि भारतीय कंपनियां मोल्दोवा के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को लेकर रुचि दिखा रही हैं। इसमें सौर ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज, स्मार्ट ग्रिड, हरित हाइड्रोजन और अन्य स्वच्छ ऊर्जा तकनीकें शामिल हैं।
डिजिटल टेक्नोलॉजी और नए क्षेत्रों में सहयोग की संभावना
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत और मोल्दोवा के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। इनमें:
- डिजिटल तकनीक
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- साइबर सुरक्षा
- फिनटेक
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर
- आधुनिक विनिर्माण
- लॉजिस्टिक्स
- कृषि और खाद्य प्रसंस्करण
- फार्मास्यूटिकल्स
- बायोटेक्नोलॉजी
- स्वास्थ्य सेवा
- जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में साझेदारी दोनों देशों की आर्थिक प्रगति को गति दे सकती है।
आर्थिक साझेदारी के नए अध्याय की उम्मीद
राष्ट्रपति मुर्मू ने विश्वास जताया कि भारत-मोल्दोवा व्यापार मंच के दौरान हुई चर्चाएं नई साझेदारियों और नवाचार आधारित सहयोग का रास्ता तैयार करेंगी।
उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय लिख सकते हैं और भविष्य में व्यापारिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
इस व्यापार मंच में दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। बैठक के दौरान व्यापार और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना भी जताई गई।

