राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने MES प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात में कहा कि उनकी भूमिका देश की सुरक्षा, विकास और स्वच्छ, हरित भारत के निर्माण में अहम है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (MES) के प्रशिक्षु अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी तकनीकी दक्षता, समर्पण और कड़ी मेहनत देश की रक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज के अधिकारी ऐसे बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के निर्माण एवं रखरखाव में योगदान देते हैं, जो सैनिकों, नौसैनिकों और वायु योद्धाओं को अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में सहायता प्रदान करते हैं।
also read: पद्म पुरस्कार विजेताओं को जेपी नड्डा ने दी बधाई, कहा- समाज सेवा का प्रेरक…
सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने में MES अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका
राष्ट्रपति ने कहा कि देश की सुरक्षा केवल सीमाओं पर तैनात जवानों की बहादुरी से ही नहीं, बल्कि उनके पीछे काम करने वाली संस्थाओं की दक्षता और प्रतिबद्धता से भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज के अधिकारी रक्षा ढांचे को मजबूत बनाने और सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता को बढ़ाने में अहम योगदान देते हैं। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपने कार्यों में उत्कृष्टता, नवाचार और जिम्मेदारी का परिचय देने का आह्वान किया।
Officer Trainees of Military Engineer Services called on President Droupadi Murmu at Rashtrapati Bhavan. The President said that the skill, dedication and hard work of the Military Engineer Service officers are fundamental to ensuring that our soldiers, sailors, and air warriors… pic.twitter.com/626ty4a6id
— President of India (@rashtrapatibhvn) June 25, 2026
स्वच्छ, हरित और सतत भारत के निर्माण पर जोर
द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि अधिकारियों के प्रयास केवल एक मजबूत और सुरक्षित भारत तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि उन्हें स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भारत के निर्माण में भी योगदान देना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और सतत विकास के सिद्धांतों को अपनाने पर बल दिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि आधुनिक विकास और पर्यावरणीय संतुलन के बीच सामंजस्य स्थापित करना समय की आवश्यकता है और इस दिशा में इंजीनियरिंग सेवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण का संदेश
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने प्रशिक्षु अधिकारियों को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये अधिकारी अपनी विशेषज्ञता और प्रतिबद्धता के बल पर देश की सुरक्षा, विकास और सतत प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
राष्ट्रपति ने कहा कि युवा अधिकारियों की ऊर्जा, नवाचार और सेवा भावना भारत को अधिक सुरक्षित, सक्षम और विकसित राष्ट्र बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

