OpenAI की नई रिपोर्ट के मुताबिक भारत में ChatGPT का सबसे ज्यादा इस्तेमाल दिल्ली NCR में हो रहा है, जानें किन शहरों में बढ़ रहा AI का क्रेज।
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच OpenAI की एक नई रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। आम धारणा के विपरीत, जहां बेंगलुरु को देश का टेक हब माना जाता है, वहीं ChatGPT के इस्तेमाल में दिल्ली NCR सबसे आगे निकल गया है। OpenAI की “Capability Gap Findings” रिपोर्ट के अनुसार, भारत में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर बड़े शहरों में ही दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली NCR में ChatGPT का इस्तेमाल सबसे अधिक हो रहा है, जबकि इसके बाद बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहर AI उपयोग के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। इन शहरों में लोग AI का इस्तेमाल सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि कोडिंग, डेटा एनालिसिस, पढ़ाई और प्रोफेशनल कामों के लिए भी बड़े स्तर पर कर रहे हैं।
OpenAI के आंकड़ों के अनुसार, भारत के टॉप 10 शहर कुल AI यूजर्स का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं, जबकि इनकी आबादी देश की कुल जनसंख्या का 10 प्रतिशत से भी कम है। यह अंतर दर्शाता है कि AI का उपयोग अभी सीमित क्षेत्रों तक केंद्रित है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भारत में AI अपनाने की दर अमेरिका, ब्रिटेन, ब्राजील और जर्मनी जैसे देशों की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा केंद्रित है।
दिलचस्प बात यह है कि भारत अब दुनिया के उन टॉप 5 देशों में शामिल हो गया है, जहां AI का एडवांस उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। यूजर्स अब केवल साधारण सवाल-जवाब तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जटिल समस्याओं को हल करने, प्रोग्रामिंग और विश्लेषणात्मक कार्यों के लिए भी ChatGPT जैसे टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। ChatGPT Plus यूजर्स के डेटा से यह भी पता चला है कि देश में रीजनिंग और थिंकिंग क्षमता वाले फीचर्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है।
हालांकि, इस तेजी के बावजूद छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में AI उपयोग को लेकर बड़ा अंतर बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े शहरों में डेटा एनालिसिस का उपयोग छोटे शहरों के मुकाबले 30 गुना ज्यादा है, जबकि कोडिंग का इस्तेमाल चार गुना अधिक है। इससे यह साफ होता है कि देश के कई हिस्से अभी भी AI क्रांति से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं।
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फिर भी कुछ राज्यों में सकारात्मक संकेत देखने को मिल रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, असम में लगभग 22 प्रतिशत AI उपयोग पढ़ाई से संबंधित है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। वहीं जम्मू-कश्मीर में हेल्थ से जुड़े सवालों की संख्या ज्यादा है, जो यह दर्शाता है कि AI का उपयोग धीरे-धीरे अलग-अलग क्षेत्रों में फैल रहा है।
AI के इस गैप को कम करने के लिए OpenAI भारत में कई नई पहल कर रहा है। कंपनी TCS जैसी बड़ी कंपनियों के साथ मिलकर AI आधारित सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को बढ़ावा दे रही है। इसके अलावा Razorpay के साथ साझेदारी कर डेवलपर्स को नए टूल्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विश्वविद्यालयों के साथ ChatGPT Edu प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है, ताकि छात्रों को शुरुआती स्तर से ही AI की समझ और स्किल्स मिल सकें।
कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट दिखाती है कि भारत AI की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी देशभर में इसका समान वितरण होना बाकी है। आने वाले समय में अगर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक AI की पहुंच बढ़ती है, तो यह तकनीक देश के विकास में एक बड़ी भूमिका निभा सकती है।

