सर्वाइकल पेनहड्डियों से जुड़ा दर्द है, जो गर्दन, कंधे, रीढ़ की हड्डी और कमर में दर्द और अकड़न पैदा कर सकता है। यह बहुत दर्दनाक है। जिससे वह भी नहीं चल सकता।
गर्दन-कंधे के आसपास हो रहे दर्द को नजरअंदाज न करें। क्योंकि ये नेक सर्वाइकल या सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का संकेत हो सकता है। सर्वाइकल पेन आजकल तेजी से बढ़ रहा है। युवा से लेकर बुजुर्ग लोग लगातार डेस्क जॉब और स्मार्टफोन के इस्तेमाल से इस समस्या से जूझ रहे हैं। यह बाद में बहुत गंभीर हो सकता है अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए। अब सर्वाइकल पेन क्या होता है, यह कितना खतरनाक है और इससे छुटकारा पाने के लिए क्या करें?
सर्वाइकल पेन का क्या अर्थ है?
सर्वाइकल स्पाइन वर्टिब्रा से बनी रहती है। ये सिर से मसल्स और C7 वर्टिब्रा लिगामेंट तक फैली रहती हैं। यह सर्वाइकल क्षेत्र में मौजूद मांसपेशियों को स्थिर बनाता है। नेक सर्वाइकल कंधे और गर्दन को कठोर करता है। सर्वाइकल पेन हड्डियों से जुड़ा दर्द है, जो गर्दन, कंधे, रीढ़ की हड्डी और कमर में दर्द और अकड़न पैदा कर सकता है।
सर्वाइकल पेन का कारण
- घंटों काम करना
- चोट लगने से
- गलत स्थिति में बैठकर सोना
- झुके हुए बैठना
- कई गलत आदतें इसका कारण हैं
सर्वाइकल पेन है या नहीं पता लगाने का क्या तरीका है?
गर्दन या कंधे के आस-पास लगातार दर्द होने पर स्पाइन सर्जन से संपर्क करें। गर्दन का एक्स-रे करने के बाद डॉक्टर कुछ दवाएं देते हैं। MRI कराना पड़ता है अगर दर्द 10 दिनों तक नहीं ठीक होता। जिसमें सर्वाइकल स्पाइन के बारे में पूरी जानकारी है। इससे सर्वाइकल की जानकारी मिल सकती है।
सर्वाइकल पेन का संकेत
- गर्दन में तेज दर्द और अकड़न, जिससे मुड़ने में मुश्किल होना
- गर्दन में दर्द और सूजन
- सिरदर्द होना
- मिचलाना
- हाथ और पैर में झुनझुनी
- गर्दन घुमाने पर शोर होना
- उंगलियों, बाजू और हाथों में कमजोरी
- बेतहाशा दर्द गर्दन, कमर या कंधे में
सर्वाइकल पेन से बचने के उपाय
- खराब जीवनशैली को सुधारें
- सर्वाइकल पेन को कम करने के लिए कई प्रकार के योग और व्यायाम उपलब्ध हैं।
- सर्वाइकल पेन को फिजियोथेरेपी से ठीक किया जा सकता है।
- बर्फ से स्नान
- लगातार एक ही जगह और आसन पर न बैठें
- भारी वस्तुओं को न उठाएं।
- थकान से बचें
For more news: Health

