भाजपा नागालैंड ने मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में गरीबी में कमी, विकास और जनकल्याण की उपलब्धियों का हवाला दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के “विश्वास, विकास और जन कल्याण के 12 वर्ष” पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नागालैंड इकाई ने कोहिमा स्थित पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान राज्य के नेताओं ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से रखा।
भाजपा नेताओं ने गिनाईं केंद्र सरकार की उपलब्धियां
नागालैंड के उपमुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता यंथुंगो पैटन ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। इनमें गरीबी में कमी, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का विस्तार, आर्थिक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन शामिल है।
उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में लगभग 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।
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बुनियादी ढांचे और शासन में सुधार पर जोर
पैटन ने कहा कि केंद्र सरकार ने “राष्ट्र प्रथम” की नीति के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत किया है और देशभर में सड़क, रेलवे और हवाई अड्डों के नेटवर्क का विस्तार किया है। इसके साथ ही आवास, स्वच्छता, पेयजल और डिजिटल गवर्नेंस में भी महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ युवाओं, महिलाओं और किसानों तक पहुंच रहा है, जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को सशक्त बनाने में मदद मिली है।
वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि पिछले 12 वर्षों में भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हुई है। कई देशों के साथ व्यापार समझौते हुए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 30 से अधिक देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुके हैं। नेताओं ने कहा कि भारत अब वैश्विक दक्षिण की एक मजबूत आवाज और तेजी से उभरती आर्थिक शक्ति बन चुका है।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर जोर
नागालैंड के पर्यटन और उच्च शिक्षा मंत्री टेमजेन इमना अलोंग ने कहा कि मोदी सरकार का यह कार्यकाल भारत के परिवर्तन का दौर रहा है। उन्होंने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” की नीति अब “सबका विश्वास” और “सबका प्रयास” तक पहुंच चुकी है।
उन्होंने विश्वास जताया कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को अपेक्षा से पहले हासिल कर सकता है। उनके अनुसार, यह अवधि आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करने वाली रही है।

