पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लुधियाना में दो नए स्कूल ऑफ एमिनेंस का उद्घाटन किया। शिक्षा क्रांति, आधुनिक सुविधाएं और सरकारी स्कूलों की बड़ी उपलब्धियां।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को लुधियाना के किदवई नगर और मिलरगंज-धोलेवाल क्षेत्र में दो अत्याधुनिक स्कूल ऑफ एमिनेंस (School of Eminence) का उद्घाटन किया। इन नए शिक्षण परिसरों का उद्देश्य राज्य में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना तथा विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूल परिसर का निरीक्षण किया, शिक्षकों और विद्यार्थियों से बातचीत की तथा स्थानीय लोगों से भी मुलाकात की। इस अवसर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
‘शिक्षा क्रांति’ से बदल रहा है पंजाब का भविष्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल नए स्कूल भवन तैयार करना नहीं है, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को समान अवसर, आधुनिक संसाधन और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पंजाब में चल रही “शिक्षा क्रांति” का सकारात्मक असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।
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सरकारी स्कूलों पर बढ़ा अभिभावकों का भरोसा
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी नए स्कूल ऑफ एमिनेंस के उद्घाटन की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर शिक्षण व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के कारण लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि अब बड़ी संख्या में अभिभावक निजी स्कूलों के बजाय सरकारी स्कूलों को प्राथमिकता दे रहे हैं, क्योंकि यहां शिक्षा का स्तर पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के छात्रों का शानदार प्रदर्शन
मुख्यमंत्री मान ने पंजाब की शिक्षा प्रणाली की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि इस वर्ष राज्य के 882 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा में सफलता हासिल की, जबकि 125 से अधिक छात्रों ने JEE Main परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने इसे सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम बताया।
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आधुनिक सुविधाओं पर सरकार का विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा क्षेत्र में लगातार निवेश कर रही है। इसके तहत स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग, विज्ञान प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और अन्य आधुनिक संसाधन विकसित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा पर किया गया निवेश राज्य के भविष्य को मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है और सरकार प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ रहा रुझान
मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अधिकांश अभिभावक निजी स्कूलों का विकल्प चुनते थे, लेकिन अब सरकारी स्कूलों में सुविधाओं और शिक्षण स्तर में हुए सुधार के कारण स्थिति बदल रही है।
उन्होंने दावा किया कि कई क्षेत्रों में लगभग 90 प्रतिशत विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं, जो राज्य की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते विश्वास का संकेत है।
हर जिले में विश्वस्तरीय शिक्षा सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य पंजाब के प्रत्येक जिले में विश्वस्तरीय शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक या भौगोलिक कारणों से कोई भी बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे।
उन्होंने सरकारी शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण ने सरकारी स्कूलों की छवि बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें आत्मविश्वास के साथ पूरा करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही विकसित और समृद्ध ‘रंगला पंजाब’ की आधारशिला बनेगी।

