अयातुल्ला अली ख़ामेनेई की कथित अमेरिकी-इजरायली हमले में मौत के बाद बिग बॉस 19 रनर-अप फरहाना भट्ट ने जताया शोक, कहा कश्मीर के लोग गहरे सदमे में हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई के 86 वर्ष की आयु में निधन की खबर ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार 28 फरवरी को उनके परिसर पर हुए कथित संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में वे गंभीर रूप से घायल हुए थे और 1 मार्च की सुबह उनके निधन की पुष्टि की गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि यह हमला अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई का हिस्सा था। हालांकि, इस घटना पर वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
फरहाना भट्ट ने जताया शोक
बिग बॉस 19 की रनर-अप फरहाना भट्ट ने सोशल मीडिया पर अयातुल्ला अली ख़ामेनेई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा,
“वह एक ऐसी शख्सियत थे जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। कश्मीर के लोग इस घटना से भीतर तक हिल गए हैं। सेहरी के बाद मैं सो भी नहीं पाई, मैं बेहद दुखी थी। यह कभी नहीं होना चाहिए था।”
उन्होंने आगे कहा, “काफी लोगों के लिए वह एक मसीहा थे। वह हमारे दिलों और यादों में जिंदा रहेंगे।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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ईरान में शोक की लहर
जहां कुछ देशों में इस घटना को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, वहीं ईरान में हजारों लोग सड़कों पर उतरकर शोक व्यक्त कर रहे हैं। राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं।
टीवी पर हुई थी विवादित घटना
कुछ सप्ताह पहले ईरानी स्टेट टीवी पर एक अप्रत्याशित घटना भी सामने आई थी, जब एक रिपोर्टर ने लाइव प्रसारण के दौरान गलती से “डेथ टू खामेनेई” कह दिया था। यह टिप्पणी दरअसल “डेथ टू अमेरिका” के नारे के संदर्भ में थी, लेकिन इस चूक के बाद पत्रकार की नौकरी चली गई और इस घटना ने देश में बढ़ती असंतोष की चर्चाओं को हवा दी थी।
करीब चार दशकों तक सत्ता में रहे अयातुल्ला अली ख़ामेनेई ईरान की राजनीति और पश्चिम एशिया की रणनीति के केंद्र में रहे। उनके निधन के बाद ईरान की सत्ता संरचना और भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब ईरान की अगली राजनीतिक चाल और संभावित क्षेत्रीय प्रभावों पर टिकी हुई है।

