अरविंद केजरीवाल ने भगवान राम व हनुमान को आस्था का प्रतीक बताया और कहा कि राजनीति में धर्म का उपयोग गलत है, AAP जनसेवा व सद्भाव की समर्थक है।
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भगवान राम और भगवान हनुमान को लेकर अपनी विचारधारा स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी पार्टी की राजनीति श्रद्धा, आस्था और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल धार्मिक आस्था का सम्मान करने के बजाय उसे राजनीतिक लाभ और सत्ता हासिल करने का माध्यम बना रहे हैं।
भगवान राम और हनुमान के प्रति आस्था
केजरीवाल ने कहा कि भगवान राम और भगवान हनुमान करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि उनकी विचारधारा इन देवताओं के प्रति श्रद्धा, सम्मान और भक्ति की है। वे भगवान के समक्ष नतमस्तक होकर उनका आशीर्वाद लेते हैं और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का प्रयास करते हैं।
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राजनीति में धर्म के उपयोग पर सवाल
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग धर्म और आस्था को केवल चुनावी राजनीति तक सीमित कर चुके हैं। ऐसे लोग भगवान राम और हनुमान के नाम का उपयोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए करते हैं, जो सही नहीं है।
भगवान राम और हनुमान के आदर्श
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान राम मर्यादा, सत्य और न्याय के प्रतीक हैं, जबकि भगवान हनुमान सेवा, समर्पण और साहस का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि इन आदर्शों को अपनाकर ही समाज और देश का विकास संभव है।
आस्था और राजनीति के बीच अंतर
उन्होंने कहा कि जनता धार्मिक आस्था और राजनीतिक स्वार्थ के बीच का अंतर अच्छी तरह समझती है। इसलिए नेताओं को लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और धार्मिक प्रतीकों का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं करना चाहिए।
AAP की विचारधारा और संदेश
केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करती है। पार्टी का उद्देश्य समाज में भाईचारा, सद्भाव और जनसेवा को बढ़ावा देना है।

