डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर आधिकारिक आवास पर श्रद्धांजलि, उनके सामाजिक न्याय और समानता के विचारों को किया गया याद।
संविधान के निर्माता और ‘भारत रत्न’ Dr. Bhimrao Ambedkar की जयंती के अवसर पर उन्हें देशभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया गया। इसी कड़ी में आज उनके सम्मान में आधिकारिक आवास पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर मौजूद लोगों ने बाबा साहेब के जीवन, उनके संघर्ष और समाज के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का पूरा जीवन सामाजिक समरसता, समानता और न्याय की स्थापना के लिए समर्पित रहा। उन्होंने न केवल भारतीय संविधान की रचना कर देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक ढांचा दिया, बल्कि समाज के उन वर्गों के अधिकारों के लिए भी आवाज उठाई, जिन्हें लंबे समय तक उपेक्षित और वंचित रखा गया। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने वाले मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में देखे जाते हैं।
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इस मौके पर यह भी कहा गया कि बाबा साहेब के सिद्धांत एक मजबूत, समावेशी और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे। उनके द्वारा दिए गए समानता और गरिमा के संदेश को अपनाकर ही समाज में वास्तविक परिवर्तन लाया जा सकता है। सरकार और समाज दोनों का दायित्व है कि वे उनके विचारों को आगे बढ़ाएं और हर नागरिक को समान अवसर प्रदान करने की दिशा में काम करें।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान यह भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी कि डॉ. अंबेडकर के आदर्श केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके विचारों के आधार पर ही एक ऐसे भारत का निर्माण संभव है, जहां हर व्यक्ति को समान अधिकार, सम्मान और अवसर मिल सके।

