डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर दिल्ली में श्रद्धांजलि कार्यक्रम, सामाजिक न्याय, शिक्षा और समावेशी विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
संविधान के शिल्पकार और सामाजिक न्याय के अग्रदूत Dr. Bhimrao Ambedkar की जयंती के अवसर पर दिल्ली में श्रद्धा और सम्मान के साथ उन्हें याद किया गया। इस मौके पर Dr. Ambedkar National Memorial स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब के संघर्षपूर्ण जीवन और उनके विचारों को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने समाज के वंचित, दलित और पिछड़े वर्गों को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और सरकार उनकी सोच को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में सरकार सामाजिक न्याय के लक्ष्य को साकार करने के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है, ताकि हर वर्ग को समान अवसर मिल सके।
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सरकार ने इस मौके पर यह भी स्पष्ट किया कि दलितों, पिछड़े वर्गों और वंचित समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाबा साहेब के “शिक्षित बनो” के संदेश को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा के क्षेत्र में कई योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिससे गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को आधुनिक शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें। इसके साथ ही आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में Tarun Chugh और Lal Singh Arya सहित कई वरिष्ठ नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने मिलकर बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके आदर्शों पर आधारित समाज के निर्माण की दिशा में काम करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर यह भी कहा गया कि दिल्ली को एक समावेशी और समान अवसर प्रदान करने वाला शहर बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। बाबा साहेब के समानता और गरिमा के सिद्धांतों को आधार बनाकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि हर नागरिक को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके और समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव न रहे।

