AAP सांसद मलविंदर सिंह कंग ने बेअदबी कानून पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। बोले- कानून का उद्देश्य दोषियों को सजा देना और धार्मिक भावनाओं की रक्षा करना है।
चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने पंजाब सरकार के प्रस्तावित बेअदबी कानून को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों और आस्था से जुड़े मामलों में बेअदबी की घटनाओं को रोकना तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना है।
मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि यह कानून प्रदेश की संगत की लंबे समय से चली आ रही मांग और विशेषज्ञों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा किसी भी धार्मिक संस्था के कामकाज में हस्तक्षेप करना नहीं है।
also read: मोहाली में ‘भगवान शिव के नाम एक शाम’ कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री भगवंत…
बेअदबी की घटनाओं पर रोक लगाना कानून का उद्देश्य
AAP सांसद ने कहा कि पंजाब सरकार धार्मिक भावनाओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेअदबी जैसी घटनाएं समाज की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचाती हैं, इसलिए ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नए कानून का उद्देश्य केवल अपराधियों को दंडित करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार करना भी है।
ਬੇਅਦਬੀ ਕਨੂੰਨ ਸੰਬੰਧੀ ‘ਆਪ’ ਸਾਂਸਦ @kang_malvinder ਨੇ ਸਪਸ਼ਟ ਕੀਤਾ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਪੱਖ
ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਨੂੰਨ ਦਾ ਮੁੱਖ ਮੰਤਵ ਬੇਅਦਬੀਆਂ ਨੂੰ ਠੱਲ੍ਹ ਪਾਉਣਾ ਅਤੇ ਦੋਸ਼ੀਆਂ ਨੂੰ ਮਿਸਾਲੀ ਸਜ਼ਾਵਾਂ ਦੇਣਾ ਹੈ
👉🏻 ਦੁਹਰਾਇਆ ਕਿ ਇਹ ਕਨੂੰਨ ਸੰਗਤ ਦੀ ਪੁਰਜ਼ੋਰ ਮੰਗ ਅਤੇ ਮਾਹਰਾਂ ਦੇ ਸੁਝਾਅ ਸ਼ਾਮਲ ਕਰ ਕੇ ਬਣਾਇਆ ਗਿਆ
👉🏻 ਧਾਰਮਿਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦੇ… pic.twitter.com/DbmYK3mxrI— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 31, 2026
धार्मिक संस्थानों की स्वतंत्रता में दखल नहीं: कंग
मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि पंजाब सरकार का धार्मिक संस्थानों के अधिकारों में हस्तक्षेप करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार गुरबाणी के प्रचार-प्रसार, धार्मिक गतिविधियों और आध्यात्मिक परंपराओं को रोकने या प्रभावित करने के पक्ष में नहीं है।
उन्होंने कहा कि सरकार सभी धर्मों और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करती है और उसका लक्ष्य केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करना है।
संगत की भावनाओं और विशेषज्ञों की राय को रखा गया ध्यान में
कंग ने कहा कि बेअदबी कानून तैयार करते समय आम जनता की भावनाओं के साथ-साथ कानूनी विशेषज्ञों की राय को भी शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ऐसा कानून बनाना चाहती है, जो धार्मिक सम्मान की रक्षा करे और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य समाज में शांति, सद्भाव और धार्मिक सम्मान की भावना को मजबूत करना है।

