Oracle Layoff: सुबह 6 बजे कर्मचारियों को नौकरी जाने का ईमेल मिला। AI और क्लाउड निवेश के बीच 21 हजार कर्मचारियों की छंटनी की पूरी खबर पढ़ें।
Oracle Layoff: दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों में शामिल ओरेकल में कर्मचारियों की छंटनी का मामला एक बार फिर चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के कुछ कर्मचारियों को सुबह करीब 6 बजे एक ईमेल मिला, जिसमें उन्हें बताया गया कि संगठन में व्यापक बदलाव के चलते उनकी भूमिका समाप्त की जा रही है और वही दिन उनका अंतिम कार्यदिवस होगा।
अचानक आए इस संदेश ने कर्मचारियों को हैरान कर दिया। बताया गया कि नौकरी खत्म होने की सूचना के बाद कंपनी के कंप्यूटर, ईमेल, वॉइसमेल और अन्य डिजिटल संसाधनों तक कर्मचारियों की पहुंच भी जल्द बंद कर दी जाएगी।
सुबह-सुबह मिला नौकरी खत्म होने का संदेश
रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में कंपनी ने संगठनात्मक पुनर्गठन को नौकरी समाप्त किए जाने की वजह बताया। हालांकि, प्रत्येक कर्मचारी के लिए अलग से कोई व्यक्तिगत कारण नहीं बताया गया।
कंपनी ने कर्मचारियों से कहा कि वे सेवा समाप्ति, भुगतान और अन्य जरूरी दस्तावेजों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए अपना निजी ईमेल पता उपलब्ध कराएं।
ईमेल मिलने और कंपनी की प्रणालियों से पहुंच हटाए जाने के बीच कम समय होने के कारण यह प्रक्रिया कई कर्मचारियों के लिए बेहद अचानक रही।
AI और क्लाउड पर अरबों डॉलर खर्च कर रही है ओरेकल
ओरेकल की छंटनी ऐसे समय में हो रही है जब कंपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्लाउड तकनीक पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। AI सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग ढांचे के विस्तार पर भारी रकम खर्च कर रही है।
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ओरेकल का पूंजीगत खर्च करीब 28.5 अरब डॉलर रहा। पिछले साल इसी अवधि में यह खर्च लगभग 8.5 अरब डॉलर था। यानी एक साल में पूंजीगत निवेश तीन गुने से अधिक हो गया। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के लिए अपने पूंजीगत खर्च का अनुमान 90 अरब से 95 अरब डॉलर के बीच बनाए रखा है।
AI Cloud सेवाओं की मांग मजबूत
ओरेकल के लिए AI क्षेत्र में कारोबार का विस्तार एक प्रमुख प्राथमिकता बन चुका है। कंपनी के अनुसार, तिमाही के दौरान उसने 30 अरब डॉलर से अधिक के अतिरिक्त AI क्लाउड अनुबंध हासिल किए।
हालांकि, इतनी बड़ी तकनीकी आधारभूत संरचना तैयार करने की लागत भी काफी अधिक है। कंपनी ने संबंधित तिमाही में करीब 5.4 अरब डॉलर का नकारात्मक मुक्त नकदी प्रवाह दर्ज किया।
इस स्थिति में ओरेकल के सामने एक तरफ AI और क्लाउड कारोबार के अवसर का फायदा उठाने की चुनौती है, तो दूसरी ओर खर्च और नकदी प्रवाह को नियंत्रित रखना भी जरूरी है।
एक साल में करीब 21 हजार कर्मचारियों की कमी
वित्त वर्ष 2026 के दौरान ओरेकल की वैश्विक कर्मचारी संख्या में करीब 21,000 की कमी दर्ज की गई। यह कंपनी के कुल कार्यबल का लगभग 13 प्रतिशत बताया गया है। मई के अंत में कंपनी के कर्मचारियों की संख्या लगभग 1.41 लाख थी, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा करीब 1.62 लाख था।
इस अवधि के दौरान ओरेकल ने कर्मचारियों की छंटनी और पुनर्गठन से जुड़े खर्चों पर लगभग 1.84 अरब डॉलर खर्च किए। कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि AI तकनीक को अपनाना और कारोबारी प्रक्रियाओं में उसका इस्तेमाल कर्मचारियों की संख्या कम करने के पीछे मौजूद कारणों में से एक है।
पुनर्गठन पर खर्च भी बढ़ा
ओरेकल ने अपने पुनर्गठन से जुड़े अनुमानित खर्च में लगभग 700 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि की है। इसके बाद वित्त वर्ष 2026 के पुनर्गठन कार्यक्रम की अनुमानित लागत करीब 2.8 अरब डॉलर तक पहुंच गई।
इससे संकेत मिलता है कि कंपनी की मौजूदा छंटनी केवल तत्काल लागत घटाने का कदम नहीं है, बल्कि व्यापक संगठनात्मक बदलाव का हिस्सा हो सकती है।
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टेक सेक्टर में छंटनी का सिलसिला जारी
ओरेकल में कर्मचारियों की कमी की खबर टेक उद्योग में चल रहे व्यापक बदलाव के बीच आई है। AI, स्वचालन, बदलती कारोबारी रणनीति और लागत नियंत्रण के कारण कई तकनीकी कंपनियां अपने कार्यबल की समीक्षा कर रही हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सितंबर के शुरुआती 10 दिनों में ही तकनीकी क्षेत्र में 6,000 से अधिक नौकरियों में कटौती की गई थी। इसमें कई बड़ी कंपनियों के नाम शामिल रहे।
Layoffs.fyi के आंकड़ों के मुताबिक, 10 सितंबर तक दुनिया भर में 299 कंपनियों के करीब 1,28,536 टेक कर्मचारियों की छंटनी दर्ज की गई थी। यह संख्या वर्ष 2025 में 278 कंपनियों में दर्ज करीब 1,22,606 छंटनियों से अधिक बताई गई।
AI से किन नौकरियों पर पड़ सकता है ज्यादा असर?
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते इस्तेमाल ने तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों क्षेत्रों में रोजगार को लेकर चिंता पैदा की है। विशेषज्ञों के अनुसार, सॉफ्टवेयर विकास, ग्राहक सेवा और प्रशासनिक कार्य जैसे क्षेत्रों में स्वचालन का असर अधिक दिखाई दे सकता है।
गोल्डमैन सैक्स के एक अनुमान के अनुसार, अमेरिका में AI के व्यापक इस्तेमाल की स्थिति में करीब 6 से 7 प्रतिशत नौकरियां जोखिम में आ सकती हैं।
हालांकि, AI से कुछ मौजूदा नौकरियां खत्म होने की संभावना के साथ-साथ नई तकनीकी भूमिकाओं और नए कौशल की मांग भी बढ़ सकती है।
युवा कर्मचारियों के लिए बढ़ी चिंता
AI के प्रभाव का असर युवा कर्मचारियों पर भी दिखाई देने की बात एक अध्ययन में सामने आई है। स्टैनफोर्ड डिजिटल इकोनॉमी लैब ने ADP के वेतन आंकड़ों का विश्लेषण किया।
अध्ययन में पाया गया कि AI से अधिक प्रभावित क्षेत्रों में 22 से 25 वर्ष की आयु वाले कर्मचारियों का रोजगार स्तर कम प्रभावित क्षेत्रों के कर्मचारियों की तुलना में करीब 19 प्रतिशत कम था।
यह स्थिति शुरुआती करियर वाले युवाओं के लिए विशेष चिंता का विषय बन सकती है, क्योंकि कंपनियां अब भर्ती और काम के बंटवारे में AI आधारित तकनीकों का ज्यादा इस्तेमाल कर रही हैं।
क्या सिर्फ AI है छंटनी की वजह?
विशेषज्ञों का मानना है कि टेक कंपनियों में हो रही छंटनी को केवल AI के कारण मानव कर्मचारियों की जगह मशीनों के आने के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
Delhi NCR Campus स्थित Christ University के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अभिनव पी. त्रिपाठी के अनुसार, मौजूदा छंटनी में AI और स्वचालन की भूमिका जरूर है, लेकिन इसके साथ लागत में बदलाव और कर्मचारियों के पुनर्गठन जैसे कारण भी महत्वपूर्ण हैं।
उनके अनुसार, कुछ नौकरियां भविष्य में नए स्वरूप में वापस आ सकती हैं, लेकिन वर्ष 2021 के दौरान कंपनियों में मौजूद कार्यबल का ढांचा उसी रूप में लौटने की संभावना कम है।
ज्यादा छंटनी से कंपनियों को भी नुकसान हो सकता है
कर्मचारियों की संख्या घटाने से कंपनियों को तत्काल लागत बचत मिल सकती है, लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है। बहुत ज्यादा कटौती होने पर उत्पादों की गुणवत्ता, जोखिम प्रबंधन और ग्राहकों को मिलने वाली सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
कंपनियां AI का इस्तेमाल केवल कर्मचारियों की संख्या घटाने के लिए ही नहीं कर रही हैं। कई संगठन इससे काम को तेज करने, कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने और टीमों की जिम्मेदारियों को नए तरीके से बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
AI के दौर में कर्मचारियों के लिए नए कौशल जरूरी
AI आधारित बदलावों के बीच कंपनियों के लिए केवल कर्मचारियों की संख्या कम करना ही दीर्घकालिक समाधान नहीं माना जा रहा। नई तकनीक के साथ कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना और उन्हें नए कौशल से लैस करना भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
गार्टनर के अनुमान के अनुसार, 2027 तक वे संगठन जो AI से मिलने वाली उत्पादकता वृद्धि को केवल तत्काल लागत बचत में बदलने पर ध्यान देंगे, उन कंपनियों से पीछे रह सकते हैं जो इन बचतों को नवाचार, तकनीकी आधुनिकीकरण और कर्मचारी प्रशिक्षण में दोबारा निवेश करेंगी।
Oracle Layoff: आगे क्या?
ओरेकल का मामला दिखाता है कि तकनीकी क्षेत्र में AI और क्लाउड कंप्यूटिंग पर निवेश तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ कंपनियां अपने कार्यबल और खर्चों की भी समीक्षा कर रही हैं।
आने वाले समय में टेक कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि AI से मिलने वाली उत्पादकता का इस्तेमाल किस तरह किया जाए। यदि कंपनियां तकनीकी निवेश के साथ कर्मचारियों के कौशल विकास और नए अवसरों पर भी ध्यान देती हैं, तो AI बदलाव का लाभ केवल लागत घटाने तक सीमित नहीं रहेगा।

