सागर जहरीली शराब कांड में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने न्यायिक जांच के आदेश दिए। IG और कमिश्नर बदले गए, 15 मौतों के बाद अवैध शराब पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की न्यायिक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा बदलाव करते हुए सागर संभाग के कमिश्नर और सागर रेंज के IG को बदल दिया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जहरीली शराब के निर्माण और अवैध कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
सागर में जहरीली शराब से अब तक 15 मौतें
सागर जिले में जहरीली शराब पीने के बाद बीमार हुए लोगों में से दो और मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, करीब 40 लोग अभी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। इनमें तीन मरीजों की हालत गंभीर बताई गई है। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की ओर से अवैध शराब के नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है।
IG और कमिश्नर बदले गए
घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सागर संभाग के प्रशासनिक और पुलिस नेतृत्व में बदलाव किया है। वरिष्ठ IAS अधिकारी दिलीप कुमार को सागर संभाग का नया कमिश्नर बनाया गया है।
वहीं वरिष्ठ IPS अधिकारी इरशाद वली को सागर रेंज का नया महानिरीक्षक यानी IG नियुक्त किया गया है। सरकारी निर्देश के बाद दिलीप कुमार ने सागर संभाग के कमिश्नर का पद संभाल लिया है।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अस्पताल पहुंचकर जाना मरीजों का हाल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचकर जहरीली शराब से प्रभावित मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति और उपचार की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रभावित लोगों के इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। इसके अलावा पीड़ित परिवारों की आवश्यक मदद भी सरकार की ओर से की जाएगी। राज्य सरकार पहले ही मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान कर चुकी है।
दुबई प्रवास के बाद आज सभी कार्यक्रम स्थगित कर सागर जिले का दौरा किया।
शराब के सेवन से हुई घटना के पीड़ित मरीजों से अस्पताल में मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना। चिकित्सकों को उनके बेहतर उपचार के निर्देश दिए।
ऐसे मामलों में कठोरतम सजा का कानून भाजपा की सरकार ने ही बनाया है। सागर जिला… pic.twitter.com/hJE1WQBRqd
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 9, 2026
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाना चाहिए।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
पूरे मध्य प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ अभियान
सागर की घटना के बाद मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि ऐसी घटना दोबारा न हो। इसके लिए पुलिस और प्रशासन को अपने-अपने स्तर पर निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
न्यायिक जांच से सामने आएगा पूरा सच
सरकार ने सागर जहरीली शराब मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। जांच के जरिए घटना की पूरी परिस्थितियों, संभावित लापरवाही और अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
सरकार का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित मरीजों का बेहतर उपचार और अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाना है।

