Duleep Trophy 2026 के फाइनल में करुण नायर को जगह नहीं मिली। नायर के सोशल मीडिया तंज के बाद तिलक वर्मा और टीम चयन को लेकर बहस तेज हो गई।
Duleep Trophy 2026: दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल मुकाबले के बीच साउथ जोन की टीम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। टीम की कप्तानी कर रहे तिलक वर्मा और अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर के बीच चयन को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से मतभेद सामने आते दिख रहे हैं।
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन और ईस्ट जोन के बीच फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया है। इस दौरान ईशान किशन ने 270 रन की शानदार पारी खेली, जबकि कुमार कुशाग्र ने भी शतक जड़ा।
इसी बीच प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलने से नाराज नजर आ रहे करुण नायर की सोशल मीडिया प्रतिक्रिया ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया है।
फाइनल में नहीं मिला करुण नायर को मौका
साउथ जोन की कप्तानी तिलक वर्मा के हाथों में है। करुण नायर को इससे पहले सेमीफाइनल मुकाबले में भी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बनाया गया था।
फाइनल के लिए भी टीम में जगह नहीं मिलने के बाद करुण नायर कर्नाटक लौट गए। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के प्री-सीजन रेड-बॉल कैंप में हिस्सा लिया। बाद में KSCA सेक्रेटरी XI की ओर से खेलते हुए नायर ने छत्तीसगढ़ के खिलाफ शानदार शतक भी लगाया।
सोशल मीडिया पोस्ट पर करुण नायर का जवाब चर्चा में
करुण नायर को टीम से बाहर किए जाने को लेकर एक सोशल मीडिया यूजर ने सवाल उठाया। यूजर ने कहा कि नायर को दलीप ट्रॉफी में खेलने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि उनके बाहर होने की वजह स्पष्ट नहीं की गई।
पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि टीम से बाहर रहने के अगले ही दिन नायर ने KSCA सेक्रेटरी XI के लिए खेलते हुए छत्तीसगढ़ के खिलाफ शतक जड़ दिया।
इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए करुण नायर ने लिखा कि उनकी स्थिति को केवल ‘समझ से परे’ कहना भी पर्याप्त नहीं है। नायर के इस जवाब के बाद सोशल मीडिया पर उनके दलीप ट्रॉफी चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई।
also read: गिल को आउट कर अभिषेक शर्मा ने लिया बदला, फिर 326 के स्ट्राइक रेट से…
तिलक वर्मा ने सेमीफाइनल में क्या कहा था?
करुण नायर को सेमीफाइनल की प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने के बाद कप्तान तिलक वर्मा ने इस फैसले पर सफाई दी थी। तिलक ने कहा था कि करुण नायर का टीम में नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी माना था कि नायर घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म के साथ आ रहे हैं।
हालांकि, कप्तान के मुताबिक विपक्षी टीम में कई बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज मौजूद थे। टीम संयोजन को ध्यान में रखते हुए करुण नायर की जगह कोडिमेला हिमातेजा को मौका दिया गया। हिमातेजा सेमीफाइनल में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके।
फाइनल में बदला टीम संयोजन
फाइनल मुकाबले के लिए साउथ जोन ने प्लेइंग इलेवन में बदलाव किया। हिमातेजा की जगह देवदत्त पडिक्कल को टीम में शामिल किया गया।
इस फैसले के बाद करुण नायर के प्रशंसकों और क्रिकेट फैंस के बीच सवाल उठने लगे कि शानदार घरेलू रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें लगातार टीम से बाहर क्यों रखा गया।
रणजी सीजन में शानदार रहा था करुण नायर का प्रदर्शन
करुण नायर के चयन को लेकर बहस इसलिए भी तेज हुई क्योंकि उनका हालिया घरेलू रिकॉर्ड मजबूत रहा है। रणजी ट्रॉफी 2025-26 सीजन में नायर ने 58.25 के औसत से 699 रन बनाए थे। ऐसे प्रदर्शन के बाद दलीप ट्रॉफी में उन्हें लगातार प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने का फैसला चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, टीम मैनेजमेंट की ओर से सेमीफाइनल के लिए टीम संयोजन को इसका कारण बताया गया था।
ईस्ट जोन ने बनाया 708 रन का विशाल स्कोर
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ जोन के सामने विशाल स्कोर खड़ा कर दिया है।
ईशान किशन ने 270 रन की ऐतिहासिक पारी खेली, जबकि कुमार कुशाग्र ने 101 रन बनाए। ईस्ट जोन की बड़ी पारी के बाद साउथ जोन पर मैच में दबाव बढ़ गया है। ऐसे समय में करुण नायर की सोशल मीडिया प्रतिक्रिया ने टीम चयन से जुड़ी पुरानी बहस को फिर हवा दे दी है।
करुण नायर बनाम तिलक वर्मा विवाद कितना बड़ा?
करुण नायर ने सीधे तौर पर तिलक वर्मा का नाम लेकर कोई गंभीर आरोप नहीं लगाया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर उनके जवाब को साउथ जोन की चयन प्रक्रिया और कप्तान के फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, तिलक वर्मा पहले ही करुण नायर को बाहर रखने के पीछे टीम संयोजन और विपक्षी गेंदबाजी को वजह बता चुके हैं। अब दलीप ट्रॉफी फाइनल के नतीजे के साथ-साथ साउथ जोन के टीम चयन को लेकर उठे सवाल भी क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।

