मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच महाराष्ट्र सरकार ने 4 GR जारी किए। मराठा-कुनबी छात्रों के लिए शिक्षा, छात्रावास, छात्रवृत्ति और रोजगार को लेकर बड़े फैसले हुए।
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार सुर्खियों में है। जालना के अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे पाटिल की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल मंगलवार, 8 सितंबर को 11वें दिन में प्रवेश कर गई। आंदोलन के बीच महाराष्ट्र सरकार ने मराठा, कुनबी और सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग (SEBC) से जुड़े युवाओं और छात्रों के लिए शिक्षा, रोजगार और आर्थिक सहायता से संबंधित कई फैसले लिए हैं।
सरकार की ओर से अलग-अलग विभागों के माध्यम से चार महत्वपूर्ण सरकारी आदेश (GR) और निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें मराठा छात्रों को शैक्षणिक रियायतें, छात्रावास भत्ता, विदेश में पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति और मराठा-कुनबी युवाओं के लिए रोजगार प्रशिक्षण जैसी योजनाएं शामिल हैं।
दूसरी ओर, मनोज जरांगे ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने समर्थकों से अपील की है कि वे 12 सितंबर की महत्वपूर्ण बैठक से पहले अंतरवाली सराटी में बड़ी संख्या में पहुंचें। इसी बैठक में मुंबई मार्च को लेकर आगे की रणनीति तय किए जाने की बात कही गई है।
मराठा छात्रों को शिक्षा में मिल सकती हैं OBC जैसी सुविधाएं
तकनीकी शिक्षा निदेशालय (DTE) ने राज्य के सभी संबंधित विभागीय कार्यालयों और विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से मराठा समुदाय के छात्रों को OBC श्रेणी के समान शैक्षणिक रियायतें और लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इस फैसले से उच्च एवं तकनीकी शिक्षा से जुड़े छात्रों को विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं में राहत मिलने की उम्मीद है।
छात्रावास भत्ते के लिए 200 करोड़ रुपये जारी
सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और SEBC श्रेणी के विद्यार्थियों के लंबित छात्रावास रखरखाव भत्ते के भुगतान के लिए 200 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
यह राशि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के माध्यम से जारी की गई है। बताया गया है कि मानसून सत्र में अतिरिक्त मांगों के तहत इस फंड को मंजूरी और आवंटन दिया गया था।
सारथी की विदेशी छात्रवृत्ति योजना में बदलाव
मराठा और संबंधित पात्र वर्गों के छात्रों के लिए काम करने वाली छत्रपति शाहू महाराज रिसर्च, ट्रेनिंग एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (सारथी) की विदेशी छात्रवृत्ति योजना में भी बदलाव किया गया है।
नए नियमों के अनुसार, पात्र विद्यार्थियों की ट्यूशन फीस सीधे संबंधित विदेशी विश्वविद्यालय को भेजे जाने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा विद्यार्थियों को रहने और आकस्मिक खर्चों के लिए सालाना अतिरिक्त राशि दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
विदेशी विश्वविद्यालयों के चयन में QS World University Rankings आधारित संशोधित मेरिट प्रक्रिया को भी शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
1,440 मराठा-कुनबी युवाओं के लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग
सरकार की ओर से मराठा और कुनबी युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किया जा रहा है।
सारथी, पुणे ने Institute of Driving Training and Research Services (IDTRS), पिंपरी-चिंचवड़ के साथ समझौता किया है। इस कार्यक्रम के तहत कुल 1,440 मराठा और कुनबी युवाओं को LMV, HMV और कंडक्टर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम 1 अक्टूबर से शुरू होने की योजना है। इसके तहत कम से कम 1,000 प्रतिभागियों के लिए रोजगार या स्वरोजगार का अवसर सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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कुनबी रिकॉर्ड के सत्यापन में तेजी
मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच हैदराबाद गजेटियर के आधार पर कुनबी रिकॉर्ड के सत्यापन की प्रक्रिया भी तेज करने की कोशिश की जा रही है।
जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मराठवाड़ा के संभागीय आयुक्तों और जिला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पुराने रिकॉर्ड की जांच और आम लोगों तक सत्यापित जानकारी पहुंचाने पर चर्चा हुई।
छत्रपति संभाजीनगर जिला प्रशासन की ओर से पहचाने गए रिकॉर्ड को आधिकारिक जिला वेबसाइट पर उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है। अन्य जिलों के अधिकारियों को भी इसी तरह रिकॉर्ड सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही सत्यापित गांव-वार रिकॉर्ड संबंधित ग्राम पंचायतों के नोटिस बोर्ड पर भी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे।
12 सितंबर को अंतरवाली सराटी में बड़ी बैठक
इस बीच मनोज जरांगे पाटिल ने मराठा समुदाय के लोगों से 12 सितंबर को अंतरवाली सराटी में पहुंचने की अपील की है।
जरांगे ने महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले समर्थकों से कहा है कि वे केवल ऑनलाइन अपडेट देखने के बजाय बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल हों। उन्होंने सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, मुंबई, नवी मुंबई, नागपुर, कोल्हापुर, सांगली, सतारा, नांदेड़, लातूर, बीड, जालना और छत्रपति संभाजीनगर समेत विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से पहुंचने का आह्वान किया है।
मुंबई मार्च की रणनीति पर होगा फैसला
मनोज जरांगे के अनुसार, मुंबई मार्च की तारीख और आगे की रणनीति 12 सितंबर की बैठक में तय की जाएगी। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल पर बैठने की व्यवस्था, एलईडी स्क्रीन और साउंड सिस्टम जैसी सुविधाओं की तैयारी की जा रही है।
आंदोलन से जुड़े लोगों की संख्या हजारों में हो या इससे अधिक, उसी हिसाब से व्यवस्था करने की तैयारी की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील
जरांगे ने अपने समर्थकों से आंदोलन के दौरान संयम और शांति बनाए रखने की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ टकराव से बचना चाहिए और किसी भी कानून-व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों को यह भी सलाह दी कि किसी कार्रवाई की स्थिति में घबराकर भागने या भगदड़ जैसी स्थिति पैदा करने से बचें।
जरांगे ने मौजूदा विवाद के लिए महाराष्ट्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि पुलिस विभाग को लेकर उन्होंने अलग रुख अपनाया है।
महाराष्ट्र बंद की चेतावनी
मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच मनोज जरांगे ने सरकार को एक और कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि मुंबई की ओर जाने वाले किसी प्रदर्शनकारी को नुकसान पहुंचता है, तो इसके जवाब में महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया जा सकता है।
अब सभी की नजरें 12 सितंबर की अंतरवाली सराटी बैठक पर हैं। इस बैठक में मराठा आरक्षण आंदोलन की आगे की दिशा और मुंबई मार्च को लेकर बड़ा फैसला होने की संभावना है।
क्या है पूरा मामला?
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर महाराष्ट्र में लंबे समय से आंदोलन चल रहा है। मनोज जरांगे पाटिल इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे हैं। उनकी मौजूदा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बीच राज्य सरकार द्वारा मराठा और कुनबी समुदाय से जुड़े छात्रों एवं युवाओं के लिए उठाए गए कदमों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, सरकार के फैसलों के बावजूद आंदोलन पूरी तरह समाप्त होने के संकेत अभी नहीं हैं। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत तथा 12 सितंबर की बैठक इस पूरे मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

