Fatuha-Daniyawan Flood: फतुहा-दनियावां में नदियों का जलस्तर बढ़ने से गांवों में पानी घुसा, सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूबी। ग्रामीणों ने नाव की मांग की।
Fatuha-Daniyawan Flood: पटना जिले के फतुहा और दनियावां प्रखंड में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। पुनपुन, महात्माइन और धोबा नदियों में अचानक पानी बढ़ने के बाद निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। कई गांवों में नदी का पानी प्रवेश कर चुका है, जबकि खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
पुनपुन समेत कई नदियों का बढ़ा जलस्तर
मंगलवार रात से फतुहा और दनियावां क्षेत्र में पुनपुन, महात्माइन और धोबा नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। पानी बढ़ने के साथ ही नदी किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
कई जगहों पर नदी का पानी गांवों तक पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों के सामने आवागमन के साथ-साथ दैनिक जरूरतों को पूरा करने की समस्या भी खड़ी होने लगी है।
सैकड़ों एकड़ धान की फसल पानी में डूबी
जलस्तर बढ़ने का सीधा असर किसानों पर पड़ा है। नदी का पानी खेतों में फैलने के कारण सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल जलमग्न हो गई है।
किसानों को डर है कि यदि पानी जल्द नहीं निकला और नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो तैयार हो रही फसल को भारी नुकसान हो सकता है। इससे किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका है।
फतुहा के कई गांवों में जलभराव
गंगा के बढ़े जलस्तर का असर फतुहा के शहरी और ग्रामीण इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। कई मोहल्लों और गांवों की सड़कों तक पानी पहुंच गया है।
डुमरी और मौजीपुर पंचायत के अलावा अब्दालपुर, डुमरी, दौलतपुर, सुकुलपुर, मुराजपुर और खासपुर जैसे इलाकों में जलभराव की स्थिति बताई जा रही है। कई संपर्क मार्गों पर पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
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दौलतपुर में सबसे ज्यादा परेशानी
फतुहा के दौलतपुर गांव में हालात ज्यादा मुश्किल बताए जा रहे हैं। गांव के नजदीक सड़क पर काफी मात्रा में पानी जमा है, जिसके बीच से होकर ग्रामीणों को आवागमन करना पड़ रहा है।
छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। ग्रामीण स्थानीय स्तर पर ट्यूब और अन्य साधनों का इस्तेमाल कर बच्चों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांगी नाव
पानी बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव की व्यवस्था करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ता है तो गांव से बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है।
ग्रामीणों के मुताबिक आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रभावित इलाकों में पहले से नाव और राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
गलियों तक पहुंचा बाढ़ का पानी
फतुहा में नदी किनारे बसे कई इलाकों की गलियों में भी पानी जमा हो गया है। गोविंदपुर, गढ़ोंचक, सैदपुर और बांकीपुर समेत कई मोहल्लों में जलभराव से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
दनियावां में भी बढ़ी चिंता
दनियावां प्रखंड में महात्माइन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद निचले क्षेत्रों में पानी का दबाव बढ़ गया है। कुछ गांवों में जलजमाव की स्थिति बनने लगी है।
लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीण संभावित बाढ़ को लेकर चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि समय रहते बचाव के इंतजाम नहीं किए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
किसानों पर मंडरा रहा फसल नुकसान का खतरा
दनियावां क्षेत्र में भी खेतों में पानी पहुंचने से धान की फसल प्रभावित हुई है। किसानों को आशंका है कि लंबे समय तक खेतों में पानी जमा रहने से फसल खराब हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जलस्तर की लगातार निगरानी करने और प्रभावित किसानों के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
राहत और बचाव की तैयारी की मांग
फतुहा और दनियावां के ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल सबसे जरूरी है कि प्रशासन नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखे। यदि पानी का स्तर और बढ़ता है तो प्रभावित गांवों में नाव, राहत सामग्री और बचाव दल की व्यवस्था तत्काल उपलब्ध कराई जानी चाहिए। बाढ़ की स्थिति गंभीर होने से पहले तैयारियां पूरी रहने से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

