बेंगलुरु चुनाव: SIR के खिलाफ ‘चुनाव आयोग चलो’ मार्च में अभिनेता प्रकाश राज और अन्य कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। जानें पूरा मामला।
बेंगलुरु चुनाव: अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज समेत कई नागरिक समाज कार्यकर्ताओं को मंगलवार को बेंगलुरु पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सभी लोग मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में आयोजित ‘चुनाव आयोग चलो’ मार्च में शामिल होने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाने और उन्हें अलग-अलग श्रेणियों में रखने को लेकर पर्याप्त स्पष्टता नहीं है।
चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे प्रदर्शनकारी
‘चुनाव आयोग चलो’ विरोध प्रदर्शन की शुरुआत बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क से हुई। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। इसके बाद प्रदर्शनकारी शेषाद्री रोड स्थित चुनाव आयोग कार्यालय की तरफ आगे बढ़ने लगे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद प्रकाश राज, अभिनेता किशोर और अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों के जरिए वहां से हटाया गया।
SIR प्रक्रिया पर प्रकाश राज ने उठाए सवाल
प्रकाश राज ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान अनुपस्थित या स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर पहले भी सवाल उठाए थे।
उनका कहना है कि किसी मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले उसे अपनी पात्रता स्पष्ट करने और अपनी स्थिति साबित करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने दोबारा पंजीकरण कराने की बजाय नागरिकों को अपनी पात्रता साबित करने की प्रक्रिया उपलब्ध कराने की मांग की।
मतदाता सूची के आंकड़ों को लेकर चिंता
यह प्रदर्शन कर्नाटक में मतदाता सूची के मसौदे के जारी होने के कुछ दिन बाद आयोजित किया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक करीब 1.07 करोड़ प्रविष्टियों को ASDDO श्रेणी में रखा गया था। इस श्रेणी में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट और अन्य मामलों से जुड़ी प्रविष्टियां शामिल हैं।
इसके अलावा करीब 43.8 लाख मतदाताओं को अनियमितताओं और ‘नो मैपिंग’ जैसी श्रेणियों के तहत चिह्नित किया गया था। इन आंकड़ों को लेकर विपक्षी समूहों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
प्रकाश राज ने मतदान के अधिकार को लेकर जताई चिंता
प्रकाश राज ने SIR प्रक्रिया को नागरिकों के मतदान के अधिकार से जोड़ते हुए इसे गंभीर मुद्दा बताया है। उनका तर्क है कि मतदाता सूची में किसी व्यक्ति की स्थिति बदलने या उसका नाम हटाने से पहले उचित प्रक्रिया और नागरिक को अपनी बात रखने का अवसर मिलना जरूरी है।
उन्होंने लोगों से इस मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने और विरोध प्रदर्शन में भाग लेने की अपील भी की थी।
पुलिस हिरासत के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद SIR प्रक्रिया को लेकर विवाद और तेज हो गया है। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह के बदलाव का सीधा असर नागरिकों के मतदान के अधिकार पर पड़ सकता है।
वहीं, प्रदर्शनकारियों को चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च करने से रोकने के बाद बेंगलुरु पुलिस की कार्रवाई भी चर्चा में आ गई है। फिलहाल इस पूरे मामले में SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची में दर्ज नामों और नागरिकों के अधिकारों को लेकर बहस जारी है।

