प्रायोरिटी ज्वेल्स आईपीओ को दूसरे दिन 10.9 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। GMP 45 रुपये पर है। जानें IPO प्राइस, अलॉटमेंट, लिस्टिंग डेट और निवेश की पूरी जानकारी।
प्रायोरिटी ज्वेल्स आईपीओ: प्रायोरिटी ज्वेल्स के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। 91.5 करोड़ रुपये का यह पब्लिक इश्यू सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन ही 10 गुना से ज्यादा भर गया। NSE पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे तक आईपीओ को 10.9 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
आईपीओ के तहत निवेशकों के लिए 32,02,500 शेयर उपलब्ध थे, जबकि इस समय तक 3,49,20,075 शेयरों के लिए बोलियां आ चुकी थीं। इससे पता चलता है कि कंपनी के शेयरों को लेकर निवेशकों में मजबूत दिलचस्पी बनी हुई है।
NII और रिटेल निवेशकों ने बढ़ाई डिमांड
सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों में गैर-संस्थागत निवेशक यानी NII कैटेगरी सबसे आगे रही। इस श्रेणी के लिए आरक्षित शेयरों को 16.75 गुना सब्सक्राइब किया गया।
इसके बाद रिटेल निवेशकों की कैटेगरी रही, जहां उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 14.34 गुना आवेदन प्राप्त हुए। आईपीओ के शुरुआती दो दिनों में ही इतनी मजबूत मांग कंपनी के पब्लिक इश्यू के प्रति निवेशकों की रुचि को दर्शाती है।
प्रायोरिटी ज्वेल्स आईपीओ GMP 45 रुपये
प्रायोरिटी ज्वेल्स के आईपीओ को ग्रे मार्केट से भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। इन्वेस्टरगेन के अनुसार, कंपनी के शेयरों पर फिलहाल 45 रुपये का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) बताया जा रहा है।
कंपनी ने आईपीओ के लिए 190 रुपये से 200 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। अगर 200 रुपये के अपर प्राइस बैंड में 45 रुपये का GMP जोड़ा जाए, तो अनुमानित कीमत 245 रुपये बनती है। इस हिसाब से शेयर की संभावित लिस्टिंग करीब 22.5% प्रीमियम पर होने का संकेत मिलता है।
हालांकि, GMP को केवल एक अनौपचारिक संकेतक के तौर पर देखा जाना चाहिए। ग्रे मार्केट आधिकारिक स्टॉक एक्सचेंजों के नियमन के तहत नहीं आता। इसलिए GMP में बदलाव संभव है और यह वास्तविक लिस्टिंग प्राइस या निवेश पर मिलने वाले रिटर्न की गारंटी नहीं देता।
1 सितंबर को बंद होगा IPO
प्रायोरिटी ज्वेल्स आईपीओ की बोली प्रक्रिया 28 अगस्त 2026 को शुरू हुई थी। निवेशक इसमें 1 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इश्यू में लगभग 45.75 लाख नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं। अपर प्राइस बैंड के आधार पर इस आईपीओ से कंपनी करीब 91.5 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।
आईपीओ में एक लॉट में 75 शेयर शामिल हैं। 200 रुपये प्रति शेयर के अधिकतम मूल्य पर एक लॉट खरीदने के लिए रिटेल निवेशक को कम से कम 15,000 रुपये लगाने होंगे।
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आईपीओ से पहले भी जुटाए 43 करोड़ रुपये से ज्यादा
पब्लिक इश्यू से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से भी फंड जुटाया। प्रायोरिटी ज्वेल्स ने चार प्रमुख निवेशकों को 200 रुपये प्रति शेयर की दर से 13.72 लाख शेयर आवंटित किए। इससे कंपनी को करीब 27.45 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इसके अलावा आईपीओ से पहले कंपनी ने 8.25 लाख शेयर जारी कर 15.6 करोड़ रुपये जुटाए थे।
एंकर निवेशकों में WhiteOak Capital Equity Fund और Sanshi Funds की हिस्सेदारी प्रमुख रही। दोनों निवेशकों ने मिलकर लगभग 8.65 करोड़ रुपये का निवेश किया। वहीं Plutus Investment Trust और Khandelwal Finance ने करीब 5.07 करोड़ रुपये का निवेश किया।
आईपीओ की रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में होगा
कंपनी की योजना आईपीओ से मिलने वाली 75 करोड़ रुपये की शुद्ध राशि में से एक हिस्से का इस्तेमाल कार्यशील पूंजी से जुड़े कर्ज के पुनर्भुगतान के लिए करने की है। बाकी रकम को कंपनी के सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में लगाया जाएगा। इससे कंपनी को अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्रायोरिटी ज्वेल्स का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2026 में प्रायोरिटी ज्वेल्स की कुल आय 539.03 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 435.87 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी की आय में सालाना आधार पर लगभग 24% की वृद्धि दर्ज हुई।
मुनाफे में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का PAT यानी कर पश्चात लाभ 17.65 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 10.51 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में करीब 68% का इजाफा हुआ।
2 सितंबर को अलॉटमेंट, 4 सितंबर को लिस्टिंग संभव
प्रायोरिटी ज्वेल्स आईपीओ के शेयरों का अलॉटमेंट 2 सितंबर 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट किए जाएंगे। कंपनी के शेयरों की NSE और BSE पर 4 सितंबर 2026 को लिस्टिंग संभावित है।
क्या कारोबार करती है प्रायोरिटी ज्वेल्स?
मुंबई स्थित प्रायोरिटी ज्वेल्स मुख्य रूप से हल्के वजन वाली डायमंड-स्टडेड गोल्ड और प्लैटिनम ज्वेलरी तैयार करती है। कंपनी अपने उत्पाद स्वतंत्र ज्वैलर्स के साथ-साथ बड़े संगठित ज्वेलरी रिटेल नेटवर्क को भी उपलब्ध कराती है।
जून 2026 तक कंपनी के 200 से अधिक ग्राहक थे। इसके प्रमुख ग्राहकों में CaratLane Trading, Kalyan Jewellers India, Malabar Gold & Diamonds FZCO, Tribhovandas Bhimji Zaveri और Senco Gold जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
प्रायोरिटी ज्वेल्स आईपीओ: एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| IPO साइज | 91.5 करोड़ रुपये |
| प्राइस बैंड | 190-200 रुपये |
| लॉट साइज | 75 शेयर |
| न्यूनतम निवेश | 15,000 रुपये |
| दूसरे दिन सब्सक्रिप्शन | 10.9 गुना |
| NII सब्सक्रिप्शन | 16.75 गुना |
| रिटेल सब्सक्रिप्शन | 14.34 गुना |
| GMP | 45 रुपये |
| संभावित GMP प्रीमियम | 22.5% |
| IPO खुलने की तारीख | 28 अगस्त 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 1 सितंबर 2026 |
| अलॉटमेंट की संभावित तारीख | 2 सितंबर 2026 |
| लिस्टिंग की संभावित तारीख | 4 सितंबर 2026 |
निवेशकों के लिए जरूरी बात: ग्रे मार्केट प्रीमियम में कभी भी बदलाव हो सकता है और यह आधिकारिक बाजार आंकड़ा नहीं है। इसलिए केवल GMP या सब्सक्रिप्शन आंकड़ों के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेश से पहले आईपीओ दस्तावेजों, कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार और संभावित जोखिमों का अध्ययन करना जरूरी है।

