वैभव सूर्यवंशी को राहुल द्रविड़ ने IPL के साथ रेड-बॉल क्रिकेट पर फोकस करने की सलाह दी। जानें युवा बल्लेबाज के करियर और द्रविड़ की खास सलाह।
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। IPL 2026 में दमदार बल्लेबाजी के बाद उन्होंने ऑरेंज कैप भी अपने नाम की। हालांकि, रेड-बॉल क्रिकेट में अभी उन्हें खुद को साबित करने का ज्यादा मौका नहीं मिला है।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने वैभव के क्रिकेट करियर को लेकर अहम सलाह दी है। उनका मानना है कि युवा खिलाड़ी के लिए T20 और वनडे के साथ टेस्ट क्रिकेट पर भी बराबर ध्यान देना जरूरी है।
द्रविड़ ने रेड-बॉल क्रिकेट को बताया जरूरी
राहुल द्रविड़ के मुताबिक, वैभव को IPL के जरिए टी20 क्रिकेट के साथ वनडे फॉर्मेट का अनुभव मिल रहा है। इसके साथ ही उन्हें घरेलू क्रिकेट में लौटकर लंबे प्रारूप में खेलने और रेड-बॉल क्रिकेट को मजबूत करने का अवसर भी मिलना चाहिए।
द्रविड़ का मानना है कि भारतीय क्रिकेट को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो भविष्य में तीनों फॉर्मेट में देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। टेस्ट क्रिकेट को मजबूत बनाए रखने के लिए युवा खिलाड़ियों का रेड-बॉल क्रिकेट में आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है।
IPL 2026 में वैभव का शानदार प्रदर्शन
IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से खूब प्रभावित किया। पूरे सीजन में लगातार रन बनाने के बाद उन्होंने टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज के रूप में ऑरेंज कैप हासिल की। उनके इस प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली और इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने अपना T20I डेब्यू किया।
अब वैभव घरेलू क्रिकेट में रेड-बॉल फॉर्मेट पर ध्यान देने की तैयारी कर रहे हैं। वह दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए नजर आएंगे।
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राहुल द्रविड़ बोले- वैभव को समय देना जरूरी
राहुल द्रविड़ ने युवा बल्लेबाज को लेकर धैर्य रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वैभव अभी केवल 15 वर्ष के हैं और उनके करियर की शुरुआत ही हुई है। इतनी कम उम्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बाद उन पर उम्मीदों का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।
द्रविड़ के अनुसार, वैभव को रेड-बॉल क्रिकेट में पर्याप्त अनुभव हासिल करने के लिए समय देना चाहिए। लंबे प्रारूप में लगातार खेलने से उनकी तकनीक और खेल की समझ को और मजबूत होने में मदद मिल सकती है।
रेड-बॉल क्रिकेट में अनुभव हासिल करना अहम
वैभव ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में अपनी क्षमता साबित की है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट पूरी तरह अलग चुनौती पेश करता है। लंबे समय तक क्रीज पर टिकना, गेंद की स्विंग और सीम को समझना तथा अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना इस फॉर्मेट की बड़ी चुनौतियां हैं।
द्रविड़ का मानना है कि वैभव को नियमित रूप से घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का फायदा मिलेगा। करियर के शुरुआती दौर में उन्हें उतार-चढ़ाव से गुजरना पड़ सकता है, इसलिए उनके विकास को लेकर धैर्य रखना जरूरी है।
वैभव के सामने अगली चुनौती दिलीप ट्रॉफी
IPL और अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने के बाद अब वैभव सूर्यवंशी के लिए दिलीप ट्रॉफी एक अहम परीक्षा होगी। रेड-बॉल क्रिकेट में उनका प्रदर्शन यह दिखाएगा कि वह लंबे प्रारूप में किस तरह खुद को ढालते हैं।

