प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा बदलाव, बाइक और 5 एकड़ तक असिंचित जमीन वाले पात्र परिवारों को भी पक्का घर मिलने का रास्ता साफ। जानें नई पात्रता और नियम।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को लेकर बिहार के ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि अब ऐसे परिवार भी योजना के दायरे में आ सकेंगे, जिनके पास मोटरसाइकिल या पांच एकड़ तक असिंचित जमीन है। इसके अलावा ढाई एकड़ तक सिंचित भूमि वाले परिवारों को भी योजना का लाभ देने की बात कही गई है।
इस घोषणा का उद्देश्य ऐसे जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, जो अभी भी कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं। केंद्रीय मंत्री ने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी।
बाइक रखने वाले परिवार भी हो सकेंगे पात्र
अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्रता तय करने में परिवार की आर्थिक स्थिति और संपत्ति से जुड़े कई मानदंड लागू होते थे। नई घोषणा के बाद मोटरसाइकिल रखने वाले कुछ परिवारों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा।
इसी तरह पांच एकड़ तक असिंचित जमीन या ढाई एकड़ तक सिंचित भूमि रखने वाले परिवारों को भी योजना के तहत पक्का मकान मिलने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि, पात्रता के लिए योजना के अन्य निर्धारित नियम और शर्तें भी लागू रहेंगी।
बिहार को मिलेंगे हजारों करोड़ रुपये
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ग्रामीण विकास योजनाओं के लिए बिहार को वित्तीय वर्ष 2026-27 में मार्च तक करीब 9,402 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद लगभग 10,800 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिलने की बात भी कही गई।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इस फंड से राज्य की पंचायतों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
फसल खराब होने पर मिलेगा बीमा का लाभ
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर भी जानकारी दी गई। बताया गया कि बिहार में यह योजना लागू है। सूखा, बाढ़, आग या अन्य कारणों से किसानों की फसल को नुकसान होने की स्थिति में पात्र किसानों को बीमा के तहत मुआवजा मिल सकता है। इससे प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने पर किसानों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
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गरीब परिवारों को तेजी से मिल रहे पक्के मकान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि किसी जरूरतमंद परिवार के लिए पक्का मकान सिर्फ रहने की जगह नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास से भी जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बिहार में गरीब परिवारों को पक्के घर देने की प्रक्रिया को तेज किया गया है। राज्य में पहले इंदिरा आवास योजना के तहत सीमित संख्या में मकान बनाए गए थे, जबकि बाद के वर्षों में आवास निर्माण का लक्ष्य काफी बढ़ा है।
राज्य सरकार के अनुसार, 2018 में किए गए सर्वे में करीब 19 लाख परिवार पक्के मकान से वंचित पाए गए थे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इन परिवारों को भी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
2026-27 में 11.18 लाख घर बनाने का लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 11 लाख 18 हजार 937 मकान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से करीब 13,427 करोड़ रुपये की सहायता राशि दिए जाने की जानकारी दी गई है। योजना के तहत बनने वाले घरों में राज्य सरकार भी अपना हिस्सा देती है।
2.35 लाख लाभुकों को मिले नए घर की चाबी
पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूर्ण किए गए करीब 2 लाख 35 हजार आवासों के लाभुकों में से कुछ परिवारों को नए घर की चाबी सौंपी गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत बिहार सरकार के कई मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे।
ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रता दायरे में प्रस्तावित बदलाव से बिहार के उन ग्रामीण परिवारों को राहत मिल सकती है, जिनके पास सीमित जमीन या मोटरसाइकिल जैसी संपत्ति होने के कारण पहले योजना का लाभ मिलने में परेशानी होती थी।
हालांकि, लाभ लेने से पहले परिवारों को अपनी पात्रता और स्थानीय स्तर पर लागू नियमों की जानकारी संबंधित विभाग या आधिकारिक पोर्टल से जरूर जांचनी चाहिए।

