BWF World Championships 2026: त्रीसा-गायत्री ने चौथी सीड चीनी जोड़ी को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और 15 साल बाद भारत का मेडल पक्का किया।
BWF World Championships 2026: भारत की स्टार महिला डबल्स जोड़ी त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा उलटफेर किया है। भारतीय जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल में चौथी वरीयता प्राप्त चीन की जोड़ी को तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।
त्रीसा और गायत्री ने चीनी जोड़ी को 16-21, 21-15, 21-13 से मात दी। पहला गेम गंवाने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार वापसी की और लगातार दो गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
15 साल बाद महिला डबल्स में भारत का मेडल पक्का
इस जीत के साथ भारतीय महिला डबल्स में वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल का 15 साल का इंतजार खत्म हो गया है। इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने महिला डबल्स में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था। त्रीसा और गायत्री की सेमीफाइनल में एंट्री के साथ भारत का कम से कम ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित हो गया है।
पहले गेम में चीन ने बनाई बढ़त
मुकाबले की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए अच्छी नहीं रही। चीनी खिलाड़ियों ने शुरुआती मिनटों में ही बढ़त हासिल कर ली। एक समय स्कोर 8-2 था, लेकिन त्रीसा और गायत्री ने वापसी करते हुए अंतर कम किया। हालांकि, चीनी जोड़ी ने दबाव बनाए रखा और पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।
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दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने बदली कहानी
दूसरे गेम में त्रीसा और गायत्री ने बेहतर तालमेल और आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। शुरुआत में दोनों जोड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अहम मौकों पर लगातार अंक हासिल किए। भारतीय जोड़ी ने दूसरा गेम 21-15 से जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया।
निर्णायक गेम में दिखा भारतीय खिलाड़ियों का दम
तीसरे गेम में मुकाबला पूरी तरह निर्णायक था। त्रीसा और गायत्री ने शुरुआत से ही अपनी पकड़ मजबूत रखी और चीनी जोड़ी को वापसी का मौका नहीं दिया।
भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन रैलियों और आक्रामक शॉट्स की मदद से निर्णायक गेम 21-13 से जीत लिया। इसके साथ ही उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाने के साथ भारत का मेडल भी पक्का कर दिया।
पुराना रिकॉर्ड भी बदला
यह जीत भारतीय जोड़ी के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि चीनी जोड़ी के खिलाफ इससे पहले खेले गए तीनों मुकाबलों में त्रीसा और गायत्री को हार मिली थी। इस बार दोनों खिलाड़ियों ने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए चौथी सीड जोड़ी को शिकस्त दी।
टूर्नामेंट में लगातार शानदार प्रदर्शन
त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया है। शुरुआती दौर से लेकर क्वार्टर फाइनल तक भारतीय जोड़ी ने अपने खेल में निरंतरता दिखाई।
अब दोनों खिलाड़ियों की नजर फाइनल में जगह बनाने और ब्रॉन्ज मेडल को गोल्ड में बदलने पर होगी। भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों को इस जोड़ी से एक और बड़ी जीत की उम्मीद है।

