सनमीक सिंह हेनरी सिद्धू ने 20 साल बाद कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया। चंडीगढ़ में मनीष सिसोदिया ने उन्हें AAP में शामिल कराया।
पंजाब की राजनीति में सोमवार को एक अहम घटनाक्रम सामने आया। पंजाब कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल के भतीजे सनमीक सिंह हेनरी सिद्धू ने करीब दो दशक तक कांग्रेस में रहने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) का दामन थाम लिया।
चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सनमीक सिंह को आम आदमी पार्टी में शामिल कराया गया। इस मौके पर AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल मौजूद रहे।
करीब 20 साल तक कांग्रेस के लिए किया काम
AAP में शामिल होने के बाद सनमीक सिंह ने कहा कि उन्होंने लगभग 20 वर्षों तक कांग्रेस के लिए लगातार काम किया और इस दौरान उनका उद्देश्य किसी व्यक्तिगत लाभ के बजाय संगठन को मजबूत करना रहा।
उन्होंने अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए बताया कि राजिंदर कौर भट्टल उनकी मौसी हैं और कांग्रेस के साथ उनका परिवार लंबे समय से जुड़ा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने उन्हें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का सदस्य बनाया था।
सनमीक सिंह के मुताबिक, उनके परिवार से जुड़े कई लोग लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और अब उनके परिवार की राजनीतिक विरासत तीसरी पीढ़ी तक पहुंच चुकी है।
टिकट को लेकर बयान से हुए निराश
कांग्रेस छोड़ने के फैसले की वजह बताते हुए सनमीक सिंह ने पंजाब कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा के हालिया बयान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के सदस्यों को दो से चार बार तक पार्टी टिकट दिए जाने की संभावना से जुड़ा बयान उन्हें काफी निराश करने वाला लगा।
उनके अनुसार, इस तरह की राजनीतिक सोच ने उन्हें कांग्रेस में अपनी भूमिका और भविष्य पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर किया। इसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़कर AAP में जाने का निर्णय लिया।
AAP की नीतियों से प्रभावित
सनमीक सिंह ने आम आदमी पार्टी में शामिल होने के पीछे पार्टी की नीतियों को भी प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि वह AAP के काम करने के तरीके और उसकी संगठनात्मक सोच से प्रभावित हैं।
उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को सम्मान और अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलता है। इसी वजह से उन्होंने कांग्रेस के बजाय AAP के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा आगे बढ़ाने का फैसला किया।

