हरियाणा में उच्च शिक्षा को आधुनिक बनाने पर जोर है। मंत्री महीपाल ढांडा ने विश्वविद्यालयों में बेहतर सुविधाओं, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास पर फोकस बताया।
हरियाणा सरकार प्रदेश में उच्च शिक्षा के स्तर को और मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर लगातार ध्यान दे रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान आवश्यक सुविधाओं की कमी का सामना न करना पड़े।
हरियाणा के उच्चतर शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों को समय की जरूरत के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है।
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उच्च शिक्षा में आधुनिक सुविधाओं पर फोकस
मंत्री महीपाल ढांडा के अनुसार, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में बेहतर आधारभूत ढांचा विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। इसी दिशा में उच्च शिक्षण संस्थानों में आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल मिले और वे बिना किसी बाधा के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।
शिक्षा के साथ अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा
हरियाणा सरकार उच्च शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों को अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास से जोड़ने पर भी जोर दे रही है।
विद्यार्थियों को नए विचारों पर काम करने, तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल विकसित करने और बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
हरियाणा सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाना है, ताकि उन्हें शिक्षा प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के… pic.twitter.com/oK15waG5kg
— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 11, 2026
युवाओं को रोजगारपरक अवसर उपलब्ध कराने की पहल
उच्च शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। कौशल विकास और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
महीपाल ढांडा ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों से निकलने वाले विद्यार्थी केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित न रहें, बल्कि उनमें रोजगार, उद्यमिता, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की क्षमता भी विकसित होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य प्रदेश में ऐसा उच्च शिक्षा तंत्र तैयार करना है, जो विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाए।

