कर्तव्य भवन के एक वर्ष पूरे होने पर मनोहर लाल खट्टर ने इसे आधुनिक, प्रभावी और नागरिक केंद्रित शासन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन ने अपने एक वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इसे भारत की आधुनिक और प्रभावी शासन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि कर्तव्य भवन केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधुनिक भारत और बेहतर प्रशासन के विजन को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था उद्घाटन
कर्तव्य भवन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 अगस्त 2025 को किया था। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल, सहयोग और तेज निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा देना है।
यह परिसर सरकारी कामकाज को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
आधुनिक कार्यस्थल के रूप में विकसित हुआ कर्तव्य भवन
मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि कर्तव्य भवन को एक ऐसे एकीकृत सरकारी कार्यस्थल के रूप में विकसित किया गया है, जहां विभिन्न मंत्रालय और विभाग बेहतर समन्वय के साथ काम कर सकें।
उन्होंने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सुविधाएं सरकारी कार्यों की गति बढ़ाने में मदद करती हैं, जिससे आम नागरिकों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच अधिक प्रभावी हो सके।
Today, we celebrate one year of Kartavya Bhawan—a landmark in India’s journey towards a modern, efficient and citizen-centric governance system.
Inaugurated by Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi on 6 August 2025, Kartavya Bhawan reflects the vision of creating integrated… pic.twitter.com/OsEBxP5y9A
— Office of Manohar Lal (@officeofmlk) August 6, 2026
नए भारत के सुशासन का प्रतीक बना कर्तव्य भवन
मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि कर्तव्य भवन परिसर नए भारत की प्रशासनिक सोच को दर्शाता है। यह व्यवस्था में जवाबदेही, दक्षता और नागरिकों को केंद्र में रखकर काम करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे देश में तेज, पारदर्शी और जनहितकारी शासन व्यवस्था को मजबूती मिले।
राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने का माध्यम
उन्होंने कहा कि कर्तव्य भवन केवल एक कार्यालय परिसर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प का प्रतीक है। इसका उद्देश्य सरकारी संस्थानों को एक साथ लाकर बेहतर समन्वय और प्रभावी निर्णय प्रक्रिया को बढ़ावा देना है।
एक वर्ष, एक विजन और एक टीम के संकल्प के साथ कर्तव्य भवन देश सेवा और बेहतर शासन की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।

