CWG 2026 में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने जूडो में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार जूडो का स्वर्ण पदक मिला।
CWG 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने इतिहास रच दिया है। जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने गोल्ड मेडल जीतकर भारत के 92 साल पुराने इंतजार को खत्म कर दिया। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार किसी भारतीय जूडो खिलाड़ी ने स्वर्ण पदक हासिल किया है।
अस्मिता डे ने महिला जूडो में रचा इतिहास
महिला जूडो की 48 किलोग्राम वर्ग प्रतियोगिता में अस्मिता डे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उनका सामना कनाडा की खिलाड़ी हाइडी क्वाच से हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और निर्धारित समय तक कोई भी खिलाड़ी निर्णायक बढ़त नहीं बना सकी।
इसके बाद मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा, जहां अस्मिता डे ने पहला स्कोर करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की और भारत को जूडो में पहला कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडल दिलाया।
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हर्ष सिंह ने पुरुष जूडो में जीता स्वर्ण
अस्मिता डे के बाद पुरुषों की 60 किलोग्राम वर्ग प्रतियोगिता में हर्ष सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में हर्ष सिंह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी जोशुआ काट्ज को 10-0 के बड़े अंतर से हराकर गोल्ड मेडल जीता। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में गोल्ड जीतने वाले भारत के पहले पुरुष खिलाड़ी बन गए।
92 साल बाद खत्म हुआ जूडो का गोल्ड सूखा
भारत ने पहली बार 1934 में कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया था। इसके बाद 92 वर्षों तक जूडो में भारत गोल्ड मेडल जीतने का इंतजार करता रहा।
अस्मिता डे और हर्ष सिंह की ऐतिहासिक जीत के साथ यह लंबा इंतजार समाप्त हो गया। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि भारतीय जूडो के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है।
भारत की पदक तालिका में बढ़ी ताकत
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अस्मिता डे और हर्ष सिंह के गोल्ड मेडल के साथ भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। भारत अब पदक तालिका में आठवें स्थान पर पहुंच गया है। भारतीय दल के खाते में फिलहाल 5 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल दर्ज हैं।
यामिनी मौर्य से भी गोल्ड की उम्मीद
जूडो में भारत की उम्मीदें अभी भी कायम हैं। महिला 57 किलोग्राम वर्ग में यामिनी मौर्य फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की एसिला टोपराक के खिलाफ उतरेंगी। भारतीय फैंस को उम्मीद है कि यामिनी भी शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक जीत सकती हैं।

