पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने VAT डिफॉल्टरों को 31 जुलाई तक OTS योजना के तहत बकाया चुकाने की चेतावनी दी, अन्यथा संपत्ति कुर्की और नीलामी होगी।
पंजाब सरकार ने राज्य के वैट (VAT) डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि 31 जुलाई 2026 तक वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना के तहत बकाया कर का भुगतान नहीं करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वित्त, कराधान एवं आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सभी पात्र डीलरों से अंतिम तिथि से पहले अपने लंबित कर मामलों का निपटारा करने की अपील की है।
मंत्री ने कहा कि OTS योजना व्यापारियों को पुराने कर विवादों और बकाया देनदारियों से राहत पाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के बाद सरकार किसी भी प्रकार की राहत नहीं देगी और डिफॉल्टरों की चल एवं अचल संपत्तियों की कुर्की कर सार्वजनिक नीलामी के माध्यम से बकाया राशि की वसूली की जाएगी।
पटियाला में वसूली अभियान से मिले सकारात्मक परिणाम
हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब कराधान विभाग द्वारा पटियाला जिले में चलाए गए विशेष वसूली अभियान के दौरान उल्लेखनीय सफलता मिली है। विभाग ने एक डिफॉल्टर की संपत्ति की नीलामी के जरिए ₹1.21 करोड़ की वसूली की, जबकि OTS योजना के तहत एक अन्य मामले में ₹18.46 लाख का भुगतान प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा कि ये दोनों मामले यह दर्शाते हैं कि सरकार बकाया कर वसूली को लेकर गंभीर है और OTS योजना का लाभ उठाने वाले व्यापारियों को कानूनी कार्रवाई से राहत मिल सकती है।
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गुरुजी फीड्स ने नीलामी से पहले चुकाया बकाया
वित्त मंत्री के अनुसार, राजपुरा स्थित मेसर्स गुरुजी फीड्स पर ₹57.78 लाख का वैट बकाया था। विभाग ने 27 जुलाई 2026 को संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की थी। हालांकि, नीलामी के दौरान ही कंपनी ने OTS योजना के तहत ₹18.46 लाख जमा कर अपना मामला निपटा लिया।
चीमा ने कहा कि यह उदाहरण साबित करता है कि समय रहते OTS योजना का लाभ लेने से कारोबारी अपनी संपत्तियों की कुर्की और नीलामी जैसी कार्रवाई से बच सकते हैं।
समाना रोलर फ्लोर मिल की संपत्ति ₹1.21 करोड़ में बिकी
एक अन्य कार्रवाई में कराधान विभाग ने मेसर्स समाना रोलर फ्लोर मिल लिमिटेड की संपत्ति की सफलतापूर्वक नीलामी की। यह संपत्ति ₹1.21 करोड़ में बिकी, जो इसके आरक्षित मूल्य ₹74.31 लाख से ₹46.69 लाख अधिक रही।
मंत्री ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत सबसे अधिक बोली लगाने वाले खरीदार से उसी दिन कुल बोली राशि का 25 प्रतिशत यानी ₹30.25 लाख जमा करा लिया गया। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न की गई।
सरकार का स्पष्ट संदेश
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि हालिया कार्रवाई राज्य के सभी वैट डिफॉल्टरों के लिए स्पष्ट संदेश है कि सरकार सार्वजनिक राजस्व की सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतेगी। उन्होंने सभी पात्र व्यापारियों से अपील की कि वे 31 जुलाई 2026 से पहले OTS योजना के तहत अपने बकाया मामलों का निपटारा कर लें।
उन्होंने दोहराया कि समय सीमा समाप्त होने के बाद बकाया कर जमा नहीं करने वाले डिफॉल्टरों के खिलाफ संपत्ति कुर्की, सार्वजनिक नीलामी और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पारदर्शिता के साथ जारी रहेगा वसूली अभियान
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब कराधान विभाग पूरे राज्य में बकाया कर की वसूली के लिए विशेष अभियान जारी रखेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी कार्रवाई पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और कानून के दायरे में रहकर की जाएगी, ताकि सरकारी राजस्व की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

